दुर्ग। गंजपारा स्थित भगवान श्रीकृष्ण द्वारकाधीश जी के अवतार बाबा रामदेव जी के जन्मोत्सव दिनांक 12 सितम्बर से 22 सितम्बर तक बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। जिसमें हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी कथा एवं विभिन्न धार्मिक आयोजन किए जा रहे है।
बाबा रामदेव मंदिर समिति के अध्यक्ष पंकज राठी ने बताया कि धर्म की नगरी के नाम से जाने जाने वाले दुर्ग शहर में हर पर्व एवं हर उत्सव सभी धार्मिक आयोजन बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।इसी कढ़ी में गंजपारा में स्थित बाबा रामदेव मंदिर में पूरे 10 दिवस विभिन्न धार्मिक आयोजन किया गया है। कार्यक्रम में दिनांक 13 सितम्बर से 19 सितम्बर तक प्रसिद्ध कथा वाचक गोवत्स पंडित श्री राजीव कृष्ण महाराज, पुलिया, महाराष्ट्र के श्रीमुख से श्री देवी महात्मय कथा का आयोजन किया जा रहा है।
श्री देवी महात्मय कथा प्रारंभ होने एवं बाबा रामदेव जी का जन्मोत्सव के कार्यक्रम प्रारंभ होने के पूर्व रविवार को शाम 6 बजे श्री सत्तीचौरा मां दुर्गा मंदिर, गंजपारा, दुर्ग से देवी भगवत की पोथी यात्रा एवं शोभायात्रा निकाली गई।
पोथी शोभायात्रा में सर्वप्रथम श्री सत्तीचौरा मां दुर्गा मंदिर समिति के सदस्यों ने कथा करने आए गोवत्स पंडित राजीव कृष्ण महाराज, पुलिया, महाराष्ट्र का मंदिर परिसर में स्वागत किया गया तत्पश्चात कथा वाचक राजीव कृष्ण जी ने माता दुर्गा जी एवं देवी भागवत की पोथी की पूजा अर्चना की कथा के आरंभ से पहले, मंगलमय वातावरण में सिर पर पवित्र ग्रंथ (पोथी) पूजन किया।
पूजन एवं स्वागत पश्चात दुर्गा मंदिर से पोथी यात्रा बाजे गाजे के साथ संकीर्तन करते हुए भक्तगण गंजपारा के मुख्य मार्ग से बाबा रामदेव मंदिर पहुंची जहां आयोजकों द्वारा स्वागत किया गया सभी उपस्थित धर्मप्रेमियों को प्रसाद स्वरूप स्वल्पाहार वितरण किया गया।
शोभायात्रा के पश्चात देवी भागवत के प्रथम दिवस प्रसिद्ध कथा वाचक गोवत्स पंडित श्री राजीव कृष्ण महाराज ने देवी महात्म्य व प्रथम स्कंध का वर्णन एवं व्यास पीठ का पूजन और वंदना की गई।
कथा वाचक राजीव जी महाराज ने बताया कि प्रथम स्कंध का सार: सूत जी और शौनक आदि ऋषियों के संवाद के साथ कथा की शुरुआत होती है, जिसमें भगवती महाशक्ति या श्री कृष्ण के गुणों, नाम की महिमा और पुराणों के महत्व को समझाया जाता है। व्यास पीठ से राजीव महाराज ने बताया कि श्रीमद् देवीभागवत महापुराण सभी पुराणों में अत्यंत पावन और उत्तम है, जिसमें माँ जगदंबा की महिमा का सभी वर्णन किया गया है देवी भागवत का सार एक मंत्र में पूरा है जिसका अर्थ सहित कथा वाचक राजीव कृष्ण ने बताया
ॐ सर्वचैतन्यरूपां तामाद्यां विद्यां च धीमहि।
बुद्धिं या नः प्रचोदयात् ॥ १ ॥
जो भगवती जगदम्बिका समस्त चैतन्य (चेतना) की स्वरूपा, आदि (अन्तहीन) और ब्रह्मविद्या स्वरूपा हैं, हम उनका ध्यान करते हैं। वे माता भगवती हमारी बुद्धि को सन्मार्ग की ओर प्रेरित करें (उसे तीव्र और पवित्र बनाएँ)
शोभायात्रा एवं प्रथम दिवस के आयोजन में विशेष रूप से पंकज राठी अध्यक्ष बाबा रामदेव मंदिर समीति कथा के मुख्य यजमान पंकज पुरुषोतम गांधी विट्टल दास भूतडा ओमप्रकाश टावरी छगन चांडक अशोक राठी अध्यक्ष माहेश्वरी समाज सुरेन्द्र राठी मनोज टावरी महेन्द्र गांधी मनोज भूतडा गोपाल राठी प्रवीण भूतड़ा गोलू राठी दिनेश टावरी आलोक चांडक नंदू चांडक रामावतार राठी अजय शर्मा सुरेश गुप्ता राजेश शर्मा मनोज गुप्ता ललित शर्मा दिनेश शर्मा राहुल शर्मा सुजल शर्मा मनीष सेन सोनल सेन शरद भूतड़ा एवं सैकड़ों महिला पुरुष उपस्थित थे।



