Home छत्तीसगढ़ ताली-थाली और दीये जलवाने के दिन लद गए, जनता अब सवाल पूछ...

ताली-थाली और दीये जलवाने के दिन लद गए, जनता अब सवाल पूछ रही : अशोक फड़नवीस

14
0
Spread the love

राजनांदगांव। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं नगर निगम के पूर्व चेयरमैन अशोक फड़नवीस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब केवल उत्सव और प्रचार नहीं, बल्कि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई और आर्थिक राहत से जुड़े ठोस परिणाम चाहती है।

फड़नवीस ने कहा कि एक समय प्रधानमंत्री की अपील पर लोगों ने ताली-थाली बजाई और दीपक जलाए थे। अब जन्मदिन और राजनीतिक उपलब्धियों को लेकर भी उत्सव किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि शासकीय संस्थानों या सार्वजनिक स्थानों पर दीप प्रज्ज्वलन जैसे आयोजनों में सरकारी धन खर्च हो रहा है तो उसका खर्च और स्रोत सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उनके अनुसार यह राशि शिक्षा, स्वास्थ्य, गरीबों और सार्वजनिक सुविधाओं पर खर्च की जा सकती है।

फड़नवीस ने सरकारी स्कूलों की संख्या में कमी का मुद्दा उठाते हुए नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला दिया। रिपोर्ट के अनुसार 2014-15 में देश में 11.07 लाख सरकारी स्कूल थे, जो 2024-25 में घटकर 10.13 लाख रह गए। रिपोर्ट में स्कूलों की संख्या में बदलाव के पीछे स्कूलों के समेकन और युक्तिकरण जैसे कारण भी बताए गए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

फड़नवीस ने महंगाई, घरेलू बजट, युवाओं के रोजगार और नियमित भर्ती को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने छोटे व्यापारियों और लघु उद्योगों को कर एवं अनुपालन के बोझ से राहत देने, रसोई गैस और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर राहत देने की मांग की।

उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई तथा सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं के विनिवेश और निजीकरण को लेकर सरकार की स्पष्ट नीति बताने की मांग भी रखी।

फड़नवीस ने यूपीआई भुगतान पर किसी सामान्य ‘यूपीआई टैक्स’ की धारणा को लेकर स्पष्ट जानकारी देने की मांग की। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान और उससे जुड़े शुल्कों के बारे में सरकार को जनता को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

अमेरिका की ओर से भारत पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के दावे पर उन्होंने कहा कि अलग-अलग वस्तुओं और व्यापारिक आदेशों के संदर्भ को देखना जरूरी है। उन्होंने एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को सरकार की नीति का हिस्सा बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य घरेलू एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देना है।

फड़नवीस ने कहा कि जन्मदिन मनाना गलत नहीं है, लेकिन जनता के पैसे से उत्सव मनाने के बजाय जनता के जीवन में खुशहाली लाना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “जनता से ताली-थाली और दिया जलवाने के दिन अब लद गए। जनता अब सवाल पूछ रही है—रोजगार कहां है, महंगाई से राहत कब मिलेगी और शिक्षा-स्वास्थ्य को प्राथमिकता कब मिलेगी?”