दुर्ग। दुर्ग शहर के एकमात्र स्थान गंजपारा में स्थित द्वारकाधीश श्री कृष्ण के अवतार बाबा रामदेव मंदिर में दिनांक 13 से 19 सितम्बर तक बाबा रामदेव जी के जन्मोत्सव के अवसर पर श्री देवी महात्म्य कथा का आयोजन किया गया है।
मंदिर समिति के अध्यक्ष पंकज राठी ने बताया कि प्रसिद्ध कथा वाचक गोवत्स पंडित राजीव कृष्ण महाराज धुलिया महाराष्ट्र के श्रीमुख से माता जी की महिमा का वर्णन किया जा रहा है, कथा प्रतिदिन रात्रि 8 बजे से प्रारंभ होती है जोकि देर रात्रि तक होती है, कथा के दौरान सभी उपस्थित भक्तों के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था रहती है।
पंडित राजीव कृष्ण जी ने कथा के दूसरे दिवस मां शक्ति की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि मां आदि शक्ति सर्वत्र व्यापिनी हैं और उनकी कृपा से ही सृष्टि का संचालन होता है। मनुष्य का जीवन केवल सांसारिक विषयों और भोग-विलासिता के लिए नहीं मिला है, बल्कि भगवान माता जी की भक्ति और कल्याण का मार्ग अपनाने के लिए है। देवी भागवत कथा सुनने से भक्तों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है और उनका आध्यात्मिक कल्याण होता है।
राजीव कृष्ण जी ने कहा कि आज के युग में स्त्रियों को किस प्रकार की शिक्षा की आवश्यकता है, एक शिष्य के इस प्रकार पूछे जाने पर स्वामी जी ने कहा – छात्राओं को जीवन में सीता, सावित्री, दमयन्ती, लीलावती और मीराबाई का चरित्र सुना-पढ़ाकर अपने जीवन को इसी प्रकार समुज्ज्वल करने का उपदेश दें, इसके साथ ही शिल्प, विज्ञान, गृहकार्य एवं सुरक्षा की शिक्षा भी आवश्यक है।
महाराज जी ने कहा कि मेरी इच्छा है कि कुछ बालक ब्रह्मचारी एवं बालिकाओं को ब्रह्मचारिणी बनाकर उनके द्वारा देश-देश, गाँव-गाँव में जाकर अध्यात्म का प्रसार कराया जाये । ब्रह्मचारिणियाँ स्त्रियों में अध्यात्म विद्या का प्रसार करें ।
भक्ति रस से ओत-प्रोत भजनों ने पूरे वातावरण को शांति और श्रद्धा से भर दिया, जिससे उपस्थित श्रोताओं के हृदय कथा से प्रवाहित होने वाले दिव्य ज्ञान के अमृत को ग्रहण करने के लिए तैयार हो गए।
आज की कथा में कृष्णकांत दुबे राकेश दुबे रणछोर भूतड़ा कृष्ण कुमार टावरी अशोक राठी अध्यक्ष माहेश्वरी समाज दीपक गांधी राधेश्याम चांडक नरेंद्र राठी अमरचंद गांधी नंदकिशोर चांडक हेमंत टावरी गोपाल भट्टड़ राजकुमार केला प्रीति साबू कंचन टावरी मनीषा राठी निखिल भूतड़ा उदित राठी ओम चांडक यश बियानी रामदेव टावरी अनिल केला अनिल राठी संतोष यादव संतोष चांडक गोविंद गुप्ता मुकेश राठी शरद भूतड़ा तरुण राठी सूरज राठी एवं सैकड़ों धर्मप्रेमी उपस्थित थे।



