राजनांदगांव। समिपस्थ ग्राम फूलझर, मगरलोटा और आसपास के प्रभावित गांवों के ग्रामीणों ने क्षेत्र में संचालित न्यू लुक बायोफ्यूल प्रा.लि. बायोडीजल प्लांट पर गंभीर जल एवं वायु प्रदूषण फैलाने का आरोप लगाते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
इस संबंध में भारत एकता मिशन छत्तीसगढ़ के जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार शेंडे एवं संगठन मंत्री इमानवेल सिंह को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर मामले में निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई तथा प्रभावित ग्रामीणों को राहत दिलाने की मांग की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि, फैक्ट्री से निकलने वाले रासायनिक अपशिष्ट एवं धुएं ने पूरे क्षेत्र के पर्यावरण को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। गांवों के पेयजल स्रोत दूषित हो चुके हैं, जिससे नल, कुएं एवं हैंडपंपों का पानी बदबूदार और उपयोग के अयोग्य हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि, प्रदूषित पानी के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
ग्रामीणों ने आगे यह भी बताया कि, फैक्ट्री की चिमनियों से निकलने वाले धुएं और रासायनिक कणों के कारण घरों की छतों, दीवारों, आंगनों तथा दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर काली चिपचिपी परत जम रही है। इससे सांस संबंधी बीमारियां, त्वचा रोग तथा अन्य स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे आमजन में भारी चिंता व्याप्त है। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र के किसान बताए जा रहे हैं।
किसानों का आरोप है कि, प्रदूषित वातावरण और दूषित जल से सिंचाई के कारण उनकी खड़ी फसलें काली पड़कर नष्ट हो रही हैं। इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं भूमि की उर्वरता भी लगातार प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने कहा कि, यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 तथा जल एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण संबंधी प्रावधानों का गंभीर उल्लंघन है और नागरिकों के स्वच्छ एवं सुरक्षित जीवन के अधिकार पर सीधा आघात है।
बायोडीजल प्लांट का तत्काल स्वतंत्र पर्यावरण ऑडिट कराया जाए। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (SPCB) द्वारा निष्पक्ष एवं व्यापक निरीक्षण कराया जाए। प्रदूषण नियंत्रण उपकरण फ़िल्टर/ESP/ETP) पूरी तरह दुरुस्त होने तक प्लांट की गतिविधियों पर रोक लगाई जाए। प्रभावित गांवों में स्वच्छ पेयजल की तत्काल व्यवस्था एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाए जाएं।
प्रदूषण से प्रभावित किसानों को फसल क्षति एवं स्वास्थ्य नुकसान का उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि, यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे व्यापक जन-आंदोलन एवं कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने प्रशासन से जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस गंभीर मामले में तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है।



