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दुर्ग शहर में स्कूली बच्चों के लिए जिले में पहला न्योता भोजन जन समर्पण सेवा सँस्था ने कराया

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दुर्ग। जिले के दुर्ग शहर में स्थित छत्तीसगढ़ की सबसे प्राचीन सरदार वल्लभ भाई पटेल प्राथमिक शाला एवं उसके साथ उस परिसर में चलने वाली लाल बहादुर प्राथमिक शाला, सरदार पटेल आत्मानन्द अंग्रेजी स्कूल में सेवा कार्य में शहर की ज़न समर्पण सेवा सँस्था, दुर्ग द्वारा बुधवार को न्यौता भोज का आयोजन किया गया।

पोषण निर्माण योजना अंतर्गत छत्तीसगढ़ में कई वर्षों से स्कूल बच्चों के लिए न्योता भोजन कराना लागू किया गया हैं। इसमें कोई भी इच्छुक दानदाता अपनी ओर से बच्चों को मध्यान्ह भोजन के समय इस तरह से पूरक आहार के रूप में पौष्टिक भोजन प्रदान कर सकते हैं। इसके तहत दुर्ग की सबसे प्राचीन सरदार वल्लभ भाई पटेल प्राथमिक शाला एवं उसके साथ उस परिसर में चलने वाली लाल बहादुर प्राथमिक शाला, सरदार पटेल आत्मानन्द अंग्रेजी स्कूल में जन समर्पण सेवा सँस्था, दुर्ग द्वारा बच्चों को गर्म और स्वादिष्ट भोजन कराया गया। इस दौरान स्कूल के टीचर्स, सँस्था के सदस्य, सँस्था के दान-दाता, सहयोगी, वार्ड पार्षद और शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारियों ने भी भोजन का आनंद लिया।

जन समर्पण सेवा सँस्था द्वारा आयोजित इस न्योता भोजन का उद्देश्य समुदाय के बीच अपनेपन की भावना का विकास, भोजन के पोषक मूल्य में वृद्धि तथा सभी समुदाय वर्ग के बच्चों में समानता की भावना विकसित करना है, यह पूरी तरह से स्वैच्छिक है. समुदाय के लोग या फिर कोई भी सामाजिक संगठन, स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को पूर्ण भोजन का योगदान कर सकते हैं। अतिरिक्त पूरक पोषण के रूप में खाद्य सामग्री का योगदान कर सकते हैं. वहीं, न्यौता भोज स्कूल में दिए जाने वाले भोजन का विकल्प नहीं है बल्कि यह विद्यार्थियों को दिए जा रहे भोजन का पूरक है।

जन समर्पण सेवा सँस्था दुर्ग द्वारा आज न्योता भोजन में 3 स्कूल के तीन सौ से अधिक बच्चों को भोजन कराया भोजन कराया गया, भोजन में श्रीराम केटर्स के राम भाऊ द्वारा स्वादिष्ट पूड़ी दाल चावल पनीर की सब्जी हरि सब्जी मिष्ठान एवं नमकीन बनाया गया जिसे सभी बच्चों को भोजन कराया गया।

इस आयोजन में सबसे पहले सभी बच्चों को एक साथ बैठाकर स्कूल एवं शिक्षा से जुड़ी बातें बतायी गयी, जिसमें सँस्था के अध्यक्ष स्कूल के पूर्व छात्र रहे योगेन्द्र शर्मा बंटी ने अपने उद्धबोधन में सरदार पटेल स्कूल जुड़ी कुछ बातें बच्चों को बताई जैसे स्कूल दुर्ग ही नही बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की सबसे पुरानी स्कूल है जिसका निर्माण सन 1903 में हुआ जब स्कूल का नाम बेथर्स तथा जिसको लोग चलन भाषा मे बेथड बोलते थे, उसके बाद स्कूल का नाम पाठशाला हुआ उसके बाद वर्तमान नाम सरदार पटेल स्कूल हुआ।

स्कूल में सन 1933 में देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी इस स्कूल में आये थे, पूरे देश की यह प्रथम स्कूल थी जहां हर वर्ग का बच्चा एक साथ बैठकर पढ़ता था, यह सब बातें जानकर स्कूल के टीचर्स बच्चे अभिवावक एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी की खुश हुए, शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों ने जन समर्पण सेवा सँस्था द्वारा किये जा रहे सभी मानव सेवा, गौ सेवा एवं आज आयोजित न्योता भोजन के कार्यों की प्रशंसा की, शिक्षा विभाग के पांडेय जी ने अपने उद्धबोधन में पूरे जिले में ऐसा आयोजन हर स्कूल में कराने के लिए लोगो को जागरूक होने की बात कही,नेवता भोजन कार्यक्रम में सबसे पहले बच्चों ने भोजन के पूर्व मंत्रोच्चार किया गया। तत्पश्चात सभी बच्चे बच्चियों को भोजन कराया गया उसके बाद सभी बच्चों को कॉपी पेन का वितरण किया गया।

कार्यक्रम में स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हर्षिका सम्भव जैन प्रतिभा सुरेश गुप्ता पार्षद शिक्षा विभाग के विनोद कुमार शुक्ला विकासखंड शिक्षा अधिकारी नेम सिंह साहू शहरी स्त्रोत केंद्र समन्वयक डॉ शशि भूषण शर्मा सहायक ए.पी.सी. समग्र शिक्षा जिला दुर्ग एवं तीनों स्कूल के प्रधानपाठक क्रमशः नितिन अग्रवाल सुषमा साहू श्रीमती जानकी देवांगन ऋषि साहू आशीष मेश्राम विकाश पुरोहित प्रकाश कश्यप सुजल शर्मा लक्की अग्रवाल विजय मनहरे संतोष तिवारी किरण शर्मा प्रतिभा पुरोहित किरण सेन चंचल ललित शर्मा शोभा गुप्ता सुमन शर्मा सपना गुप्ता लक्ष्मी यादव चुनमुन गुप्ता खुशी पुरोहित दद्दू सेन हरिश ढीमर सोनल सेन राजेंद्र ताम्रकार अख्तर खान मृदुल गुप्ता अनश खान एवं सैकड़ो बच्चे अभिवावक टीचर्स एवं सँस्था के सदस्य उपस्थित हुए।