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डॉ. हेमशंकर जेठमल साहू को जयपुर में मिला एक्सक्लूसिव स्टारडम अवार्ड, छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया

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राजनांदगांव। राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित एक्सक्लूसिव स्टारडम अवार्ड्स 2025 में छत्तीसगढ़ ने अपनी अलग पहचान बनाई। समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए राजनांदगांव जिले के छोटे से गांव नावागांव के डॉ. हेमशंकर जेठमल साहू को सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर जयपुर में एक्सक्लूसिव वर्ल्ड रिकार्ड्स और लता फाऊंडेशन के सहयोग से संपन्न हुआ।
डॉ. साहू को सोशल सर्विस केटेगरी में अवार्ड प्रदान किया गया। विशेष बात यह रही कि छत्तीसगढ़ से इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए वे अकेले चयनित प्रतिभागी रहे। मंच पर सम्मानित होते समय उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया।
कार्यक्रम की सेलिब्रिटी गेस्ट व टीवी अभिनेत्री नवीना बोले ने कहा-डॉ. हेमशंकर जेठमल साहू ने साबित किया है कि कोई भी व्यक्ति अपनी लगन और सेवा भावना से समाज की भलाई के जरिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान बना सकता है। वे छत्तीसगढ़ के गौरव हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत भी।
गरीब किसान परिवार से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचे डॉ. साहू की यात्रा अत्यंत प्रेरणादायी रही है। सीमित संसाधनों के बीच शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने समाजहित के कार्यों में खुद को समर्पित कर दिया। आज वे ऑल वोलंटरी एसोसिएशन फाऊंडेशन के चेयरमैन हैं और शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास, किसानों की समस्याओं और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं।
उनकी पहल पर कई गांवों में शिक्षा जागरूकता अभियान चले, किसानों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुए और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए योजनाएं बनीं। युवाओं को शिक्षा और करियर के प्रति जागरूक करना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
इस भव्य आयोजन में भारत और नेपाल से आए कुल 19 प्रतिभागियों को समाजसेवा, साहित्य, आध्यात्म, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और मानसिक स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इनमें जयपुर के डॉ. राम सिंह राजोरिया, मुंबई के डॉ. महेश गौर, दिल्ली की सेहर हाशमी और नेपाल के डॉ. प्रकाश भुजेल जैसे नाम शामिल रहे।
डॉ. साहू की इस उपलब्धि ने न केवल उनके गांव नावागांव और राजनांदगांव जिले का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाई दी है। सच्चे समाजसेवक के रूप में उनकी पहचान आज प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है।