पिथौरा। विकासखण्ड पिथौरा का शिक्षा विभाग सदैव विवादों के घेरे मे रहा है। दो साल पहले प्रधानपाठक पद पर पदोन्नति की सूची में कुछ अनुभवहीन शिक्षक भी वरिष्ठता सूची में कूटरचना कर प्रधानपाठक पद पर पदोन्नत हो गए।
मामले की जानकारी के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने पिथौरा विकासखंड के 5 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पिथौरा विकासखण्ड में भी सहायक शिक्षकों को पदोन्नत कर प्रधानपाठक बनाने का आदेश जारी किया गया, परंतु अधिकांश सरकारी कामों की तरह इसमें भी कुछ चालाक शिक्षकों ने स्वयं ही वरिष्ठता सूची में कूट रचना कर सीनियर बन गए और फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे वे वास्तविक हकदार शिक्षकों को किनारे कर खुद प्रधान पाठक पद पर पदोन्नत हो गए। पूरे मामले की शिकायत कुछ पात्र वंचितों ने उच्चाधिकारियों से की थी। लिहाजा जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्काल मामले को संज्ञान में लेते हुए विकासखण्ड के पांच संदेही शिक्षकों जिनका नाम पदोन्नति सूची में है, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
इस मामले में स्थानीय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी लक्ष्मी डड़सेना ने बताया कि, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से अभी की लिस्ट में पदोन्नत हुए शिक्षकों में दिनेश प्रधान प्र पा खैरखूँटा, गौरी नायक प्र पा पंडरीपानी, जयलाल भोई प्र पा विश्वासपुर, नारायण सिदार प्र पा कुदारीदादर एवं अभिमन्यु सिन्हा प्रधानपाठक नवाडीह को नोटिस जारी किया गया है। बहरहाल शासकीय नियुक्ति हो या ड्यूटी सभी कार्यों में गड़बड़ियों की शिकायत अब आम हो चुकी है।
आखिरकार नियुक्ति अथवा पदोन्नति या अन्य शासकीय आर्थिक कार्य सभी में कहीं न कहीं गड़बड़ी की खबर सामने आ ही जाती है। इस प्रकार के सरकारी कार्यों में पारदर्शिता पर भी अब संदेह होने लगा है।


