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जैन संतों की सेवा के लिए अतरिया में बनेगा भवन : खम्हन ताम्रकार

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खैरागढ़। जब आत्मा में वैराग्य का दीप जल उठता हैए तब संसार के सारे मोह, संबंध और सुख-सुविधाएं तुच्छ प्रतीत होने लगते हैं। अतरिया का गौरव, गौरव नाहटा, अब संयम की अनंत यात्रा पर अग्रसर हो रहा है, उनके दीक्षा बारघोड़ा एवं अभिनंदन समारोह का आयोजन अतरिया में भव्य रूप से संपन्न हुआ, जिसमें खैरागढ़ जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि खम्हन ताम्रकार की गरिमामयी उपस्थिति ने इस अवसर को और भी ऐतिहासिक बना दिया।
चारों ओर श्रद्धा, भक्ति और समर्पण का वातावरण था। आसपास के गांवों से जैन समाज के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर इस आध्यात्मिक पर्व को विशेष बना दिया। गौरव नाहटा, नाहटा परिवार के लाड़ले पुत्र, अब जैन साधु बनने की ओर एक मजबूत, अटूट कदम बढ़ा चुके हैं।
समारोह के दौरान खम्हन ताम्रकार ने न केवल जैन भवन निर्माण के लिए 5 लाख रुपये की धनराशि की घोषणा की। इस शुभ अवसर पर भावविभोर होते हुए मंच से एक और महत्वपूर्ण घोषणा की गौरव जी की दीक्षा की स्मृति में अतरिया सहित खैरागढ़ जिला में जहां भी साधु संतों की आराधना और विचरण काल में रुकने के लिए आवश्यकता के मुताबिक जैन भवन निर्माण हेतु धन राशि जिला पंचायत मद से दी जाएगी।
श्री ताम्रकार ने कहा कि जैन संत चातुर्मास के अतिरिक्त वर्ष के शेष आठ महीनों में पैदल विचरण करते हैं। छोटे गांवों में भवन की अनुपस्थिति उनके विश्राम और साधना में बाधा बनती है। ऐसे संत, जो तिनके और चींटी तक की रक्षा करते हैं, उनके लिए विश्रांति स्थलों की व्यवस्था करना समाज का दायित्व है। यह भवन उसी भावना का मूर्त रूप होगा।
दीक्षार्थी गौरव नाहटा को शॉल, श्रीफल, अभिनंदन पत्र और मोती की माला पहनाकर सम्मानित करते हुए उन्होंने कहा, इतनी छोटी उम्र में संयम की ओर अग्रसर होना केवल आत्मबल नहीं, वरन परिवार के श्रेष्ठ संस्कारों का प्रतिफल है। मैं नमन करता हूँ ऐसे वीर माता-पिता और समर्पित परिवार को, जिन्होंने अपने पुत्र को इस पवित्र मार्ग पर जाने के लिए प्रोत्साहित किया। यह मेरे लिए पुण्य का अवसर है कि मुझे ऐसे तपस्वी आत्मा को सम्मानित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
उन्होंने आगे कहा, मैं वर्षों से जैन समाज से जुड़ा हूँ, लेकिन अब इस धर्म की गहराइयों को समझ पा रहा हूं, यदि इस कलयुग में सच्चा त्याग, तप और साधना देखनी हो तो वह जैन साधु-संतों में परिलक्षित होता है। यही कारण है कि जैन समाज आज न केवल धार्मिक रूप से, बल्कि सामाजिक और आर्थिक रूप से भी देश-विदेश में समृद्ध और सफल है।
समारोह में उपस्थित जैन समाज के प्रतिनिधि मंगल चंद जैन, ललित जैन, महेश जैन, भंवर लाल नाहटा, महावीर नाहटा, जीवन लाल चोपड़ा ने जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि खम्हन ताम्रकार के प्रति हृदय से आभार प्रकट किया, उनकी घोषणाओं का समाज ने करतल ध्वनि से स्वागत किया और यह विश्वास जताया कि उनके सहयोग से खैरागढ़ जिले में जैन संतों की सेवा के लिए अधिष्ठान और भी सुदृढ़ होगा।