राजनांदगांव। जिला निषाद (केंवट) समाज द्वारा शनिवार, 27 जून को नवनिर्मित समाज भवन के लोकार्पण एवं प्रतिभावान छात्र-छात्राओं तथा सामाजिकजनों के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष कुलबीर सिंह छाबड़ा शामिल हुए। इस दौरान मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया, वहीं समाज में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रबुद्धजनों का भी सम्मान किया गया।
समारोह को मुख्य अतिथि कुलबीर सिंह छाबड़ा ने नए समाज भवन के निर्माण पर समाज को बधाई देते हुए कहा कि यह भवन समाज की एकजुटता और मेहनत का परिणाम है। उन्होंने बताया कि भवन निर्माण के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा 25 लाख रुपये तथा दलेश्वर साहू द्वारा 10 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई थी। कांग्रेस परिवार हमेशा समाज के साथ जुड़ा रहा है। साथ ही सुझाव दिया कि इस भवन का उपयोग केवल सामाजिक कार्यक्रमों तक सीमित न रहकर छात्र-छात्राओं की शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के लिए भी किया जाए।
श्री छाबड़ा ने युवाओं पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि निषाद समाज के अनेक युवा अग्निवीर, सेना और पुलिस में सेवा देकर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। वहीं समाज के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राएं 90 से 95 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसका श्रेय उनके माता-पिता और समाज की प्रेरणा को जाता है। श्री छाबड़ा ने समाज से आह्वान किया कि बच्चों के लिए निःशुल्क ट्यूशन, खेल गतिविधियों और अन्य शैक्षणिक अवसरों को बढ़ावा देने में सभी लोग सक्रिय सहभागिता निभाएं, ताकि वे आगे बढ़कर अपने गांवए शहरए प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकें। मैं निषाद समाज को आज के आयोजन के लिए बधाई देता हूं और आभार व्यक्त करता हूं कि आप लोगों ने बुलाया। तत्पश्चात अतिथियों का समाज द्वारा स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया गया।
इस दौरान प्रमुख रूप से जिलाध्यक्ष दुपत निषाद, गिरधर निषाद, गौतम निषाद, टीकम निषाद, लोकेष निषाद, मौजीराम निषाद, हरिराम निषाद, चुम्मन निषाद, झाडूराम निषाद, सुशीला निषाद, गोदावरी निषाद, कृति, हेमलता निषाद, ओमलता, क्षेत्रीय अध्यक्ष छगन निषाद, बसत निषाद, हीरासिंग निषाद, गौतरहिया, कृपाराम, पुथ्वी निषाद, मनोज निषाद, परदेशी राम, रामशरण निषाद, गिरधर, हीराभाई, बिसेलाल, चेन कुमार, सोनीराम, विजय निषाद, समलुराम, बसंत लारिया, सोहन, लालराम, दाताराम, दिनेश निषाद, सचिन निषाद, कुलेश्वर निषाद, पदमणी निषाद, दुर्गा निषाद, चंद्रिका लारिया, फुलकंवरी निषाद सहित बड़ी संख्या में निषाद समाज के भाई-बंधु उपस्थित थे।



