Home छत्तीसगढ़ त्याग-बलिदान का पर्व ईदुल-अजहा : रईस अहमद शकील

त्याग-बलिदान का पर्व ईदुल-अजहा : रईस अहमद शकील

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राजनांदगांव। ईद-उल-अजहा के मुबारक मौके पर जामा मस्जिद के सदर हाजी रईस अहमद शकील ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मुस्लिम समाज से अपील की है कि वे कुर्बानी को शरीअत के दायरे में रहकर, सादगी और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ अंजाम दें।
हाजी रईस अहमद शकील ने कहा कुर्बानी अल्लाह की रजा के लिए की जाती है। इसे किसी भी तरह के सार्वजनिक असुविधा का कारण न बनने दें। उन्होंने समुदाय के नाम अपनी अपील में निम्न बिंदुओं पर विशेष जोर दिया। कुर्बानी केवल घरों या प्रशासन द्वारा तय स्थानों पर ही करें सड़कों, गलियों या सार्वजनिक स्थलों पर कुर्बानी न की जाए। सोशल मीडिया पर कुर्बानी की तस्वीरें या वीडियो पोस्ट करने से परहेज करें। सफाई का विशेष ध्यान रखें। कुर्बानी का हिस्सा जरूरतमंदों तक अदब और सलीके से पहुँचाएं। कानून व प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करें। हर हाल में समाज के अन्य धर्मों की भावनाओं का सम्मान करें।
जामा मस्जिद के सदर हाजी रईस अहमद शकील ने आगे बताया कि उर्दू महीने जिल-हिज्जा के चांद की शरई तस्दीक के बाद ईद-उल-अजहा 28 मई 2026, दिन-गुरुवार को मनाई जायेगी।
नौतपा की शदीद गर्मी की वजह से ईदुल-अजहा की नमाज अदा करने का समय सुबह ठीक 8.00 बजे रखा गया हैं, लिहाजा वक्त का ख्याल रखें। अगर मौसम में बदलाव होता हैं तो शहर की सभी मस्जिदों में ईदुल अजहा की नमाज अदा की जायेगी, जिसकी जमात का वक्त इस तरह होगा। शाहे मदीना मस्जिद, शांति नगर में सुबह 7.30 बजे, नूरी मस्जिद, कन्हारपुरी में सुबह 8.00 बजे, नूरी मस्जिद, गौरी नगर में सुबह 8.00 बजे, मोती मस्जिद, तुलसीपुर में 8.15 बजे, हनफी मस्जिद, गोलबाजार में सुबह 8.30 बजे, जामा मस्जिद, पठानपारा में सुबह 8.45 बजे, उसी तरह अल अजीज मस्जिद इन्दामरा में सुबह 9.15 बजे विशेष नमाज ईदुल अजहा की अदा की जाएगी। लिहाजा गुजारिश है वक्त का ख्याल रखें, चूंकि तयशुदा वक्त पर जमात कायम हो जायेगी।
रईस अहमद ने कहा कि ईद-उल-अजहा हमें खुदा की राह में कुर्बानी का पैगाम देती है, मैदाने-अराफात में हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने आज ही के दिन अपने बेटे हजरत इस्माईल अलैहिस्सलाम को खुदा की राह में कुर्बान करने की तैयारी की थी, वह उनका इम्तिहान था, इसीलिए ईदुल अजहा पर कुर्बानी करने का हुक्म है। अल्लाह तआला से दुआ है कि यह मुबारक महीना हम सबके लिए रहमत, बरकत और मगफिरत का जरिया बने। ईदुल-अजहा हमें कुर्बानी, इख्लास और तौहीद की याद दिलाता है। दुआ है कि हमारी कुर्बानियां अल्लाह की बारगाह में कुबूल मकबूल हों, ईदुल-अजहा पर आपके घर में सुकून, रिश्तों में मोहब्बत और जिंदगी में बरकतों की बहार हो।
प्रशासन से अपील मुस्लिम समाज के मिडिया प्रभारी सैय्यद अफजल अली ने कहा स्थानीय प्रशासन और नगर निगम से भी अपील की गई है कि वे ईद-उल-अजहा के मद्देनजर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में साफ-सफाई के विशेष इंतजामात करें, ताकि कोई असुविधा न हो और त्योहार सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो।