सुरेश चंद्र श्रीवास्तव
कवर्धा। सुश्री ज्योति किशोरी ने मानस प्रवचन में गुरुवार को कहा कि भगवान राम को केवल प्रेम ही प्यारा है, जिसने प्रेम दिया, रामजी उनके हो गए। ऐसा ही जो व्यक्ति रामजी की भक्ति के रंग में रंग गया, उस पर कोई दूजा रंग चढ़ने वाला नहीं है।

जिला मुख्यालय कवर्धा से 11 किलोमीटर की दूरी पर रायपुर जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग में स्थित ग्राम धरमपुरा में आयोजित श्री रूद्र महायज्ञ एवं मानस प्रवचन में वृंदावन से पहुंची सुश्री ज्योति ने गुरुवार को कहा कि जब तक दुनिया वाले से उम्मीद रहती है, व्यक्ति अपने दुख दर्द अपने रिश्तेदारों, मित्रों, परिजनों को सुनाता है और उससे अपने दुख दूर करने की आशा करता है। लेकिन संसार वालों से दुख और पीड़ा कम नहीं होता, तब व्यक्ति सभी ओर से हारकर निराश होकर भगवान की शरण में जाता है। द्रोपदी ने चीर हरण के समय पहले महल में बैठे अपने परिजन, वरिष्ठजनों से उम्मीद की और बचाने की गुहार लगाई, लेकिन जब संसार वालों से उम्मीद खत्म हो गई। तब उसने भगवान श्री कृष्ण को पुकारा और भगवान दौड़े दौड़े चले आए और द्रोपदी की लाज बचाई। कथा वाचक सुश्री ज्योति ने कहा कि कोई भी भक्त भगवान को जिस रूप में याद करता है, भगवान उसी रूप में दौड़े दौड़े आते हैं और हमारी दुख या कष्ट को हर लेते हैं। जो भक्तगण भगवान राम की शरण में चला जाता है, उसे फिर भटकना नहीं पड़ता।
आयोजन समिति के बल्लूराम साहू व टेकलाल साहू ने बताया कि सभी ग्रामवासियों के सहयोग से धरमपुरा में आयोजित श्री रूद्र महायज्ञ एवं मानस प्रवचन का आयोजन 4 से 14 अप्रैल तक किया गया है। यज्ञाचार्य पं प्रमोद कुमार शर्मा दुल्लापुर के आचार्यत्व में संचालित यज्ञ के साथ ही मानस प्रवचन भी चल रहा है। इस आयोजन मेें 5 से 6 अप्रैल तक श्री रामबालक दास महात्यागी कौशल्याधाम जामड़ी पाटेश्वर, सुश्री ज्योति किशोरी वृंदावन धाम 6 से 10 अप्रैल एवं राष्ट्रीय मानस प्रवक्ता पं. रामेश्वरानंद महराज जौनपुर उत्तरप्रदेश द्वारा प्रतिदिन मानसकथा की भक्तिमय सरिता प्रवाहित हो रही है, जिसमें आसपास के हजारों भक्तगण पहुंचकर मानस प्रवचन की भक्ति गंगा में डुबकी लगा रहे हैं और पुण्यलाभ अर्जित कर रहे हैं। इन दिनों ग्राम धरमपुरा भक्ति के रंग से सराबोर हो गया है।
———



