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आबकारी विभाग में “खाने के दांत कुछ और, दिखने के दांत कुछ और” की स्थिति, शमसुल आलम का आरोप

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राजनांदगांव। अजीत जोगी युवा मोर्चा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष शमसुल आलम ने जिले के आबकारी विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों के मिलकर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने विशेष रूप से नए अधिकारी अभिषेक तिवारीए लंबे समय से विभाग में जमे बड़े बाबू राम सिंह पाटिल, लोकेशन ऑफिसर साहिल वर्मा और सुपरवाइजरों को शामिल बताते हुए कहा कि पूरे विभाग का सिस्टम भ्रष्टाचार में लिप्त है।
शमसुल ने कहा कि जिले में बीयर की बॉटलों में रैपर को लेकर जो विवाद चल रहा है, उसमें विभाग का हर स्तर ऊपर से नीचे तक संलिप्त है। शहर में पुलिस प्रशासन की सख्ती के चलते विभाग ने नए-नए तरीके अपनाकर भ्रष्टाचार को अंजाम देने शुरू कर दिए हैं।
उनके अनुसार, लंबे समय से विभाग में कार्यरत बड़े बाबू राम सिंह पाटिल हर भ्रष्टाचार में अहम भूमिका निभाते हैं। नियमों के विरुद्ध आबकारी इंस्पेक्टर बारों का निरीक्षण करके कमीशन लेकर सहायक आबकारी आयुक्त से लाइसेंस जारी करते हैं। वहीं, लोकेशन ऑफिसर साहिल वर्मा केवल मलाई-मिठाई खाने तक सीमित है, जबकि जवाबदेही छोटे कर्मचारियों और सुपरवाइजरों पर डाल दी जाती है।
शमसुल ने यह भी कहा कि आबकारी इंस्पेक्टर तुलेश्वरी देवांगन पर पहले भी कार्रवाई हो चुकी है, जो पूरे सिस्टम की मानसिकता की ओर इशारा करता है। उनका कहना है कि राजनांदगांव आबकारी विभाग ऊपर से नीचे तक मिलजुली सरकार की तरह कार्य कर रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि जोगी कांग्रेस आबकारी आयुक्त आर. संगीता के साथ मिलकर जल्द ही कई खुलासे करेगी और लंबे समय से जमे भ्रष्ट कर्मचारियों को हटाकर विभाग को भ्रष्टाचार मुक्त करने की मांग करेगी। साथ ही, नकली स्टिकर वाले मामले में राजनांदगांव कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की जाएगी।