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आबकारी विभाग में ‘खाने के दांत कुछ और, दिखने के दांत कुछ और’ की स्थिति, शमसुल आलम का आरोप

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राजनांदगांव। अजीत जोगी युवा मोर्चा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष शमसुल आलम ने जिले के आबकारी विभाग में अधिकारियों, बाबुओं, इंस्पेक्टरों और लोकेशन ऑफिसरों के भ्रष्टाचार में मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जिले में बीयर की बॉटलों में नकली रैपर की जो शिकायतें सामने आई हैं, उसमें विभाग का पूरा सिस्टम शामिल है।
शमसुल ने बताया कि शहर में पुलिस प्रशासन सख्त है, इसलिए आबकारी विभाग ने नए-नए तरीके अपनाकर भ्रष्टाचार को अंजाम देना शुरू कर दिया है। उनके अनुसार, लंबे समय से विभाग में कार्यरत कुछ कर्मचारियों की भूमिका हर कार्रवाई में अहम रही है। नियमों के विरुद्ध, आबकारी स्पेक्टर श्रीमती झोले द्वारा बारों का निरीक्षण कर सहायक आबकारी आयुक्त से लाइसेंस जारी किया जाता है।
उन्होंने आगे कहा कि एरिया मैनेजर और लोकेशन ऑफिसर केवल नाम के लिए जवाबदेह बनाए जाते हैं, जबकि छोटे कर्मचारियों और सुपरवाइजर पर कार्यवाही कर दी जाती है। इसके साथ ही, आबकारी इंस्पेक्टर तुलेश्वरी देवांगन पर पहले भी कार्रवाई हो चुकी है, जो पूरे सिस्टम की मानसिकता का प्रतीक है।
शमसुल ने चेतावनी दी कि जोगी कांग्रेस आबकारी आयुक्त आर. संगीता के साथ मिलकर जल्द ही कई चौंकाने वाले खुलासे करेगी और लंबे समय से जमे भ्रष्ट कर्मचारियों को हटाकर विभाग को भ्रष्टाचार मुक्त करने की मांग करेगी। साथ ही, नकली स्टिकर वाले मामले में राजनांदगांव कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की जाएगी।