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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: जेल विभाग में DIG पद पर पदोन्नति रद्द; कोर्ट ने कहा—सिर्फ सीनियर होने से नहीं चलेगा काम, काबिलियत को दें प्राथमिकता

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रायपुर. छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने जेल विभाग में डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) के पद पर हुई एक पदोन्नति को अवैध करार देते हुए निरस्त कर दिया है। न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद की एकल पीठ ने अमित शांडिल्य बनाम छत्तीसगढ़ राज्य मामले में फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि जब पदोन्नति का आधार ‘मेरिट-कम-सीनियरिटी’ (योग्यता-सह-वरिष्ठता) हो, तो विभाग केवल वरिष्ठता के आधार पर फैसला नहीं ले सकता।

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद तब शुरू हुआ जब जगदलपुर केंद्रीय जेल के अधीक्षक अमित शांडिल्य ने कोर्ट में याचिका दायर कर एस.एस. तिग्गा की पदोन्नति को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता का तर्क था कि पदोन्नति के लिए पिछले पांच वर्षों के गोपनीय प्रतिवेदन (ACR) में उनकी रैंकिंग तिग्गा से बेहतर थी, फिर भी विभाग ने वरिष्ठता सूची में ऊपर होने के कारण उन्हें नजरअंदाज कर दिया। शांडिल्य ने दावा किया कि उनके पास 3 ‘आउटस्टैंडिंग’ ग्रेडिंग थीं, जबकि तिग्गा के पास कम थीं, जिससे वे अधिक मेधावी साबित होते हैं।

हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी

अदालत ने पाया कि विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) ने योग्यता का तुलनात्मक मूल्यांकन करने के बजाय यांत्रिक तरीके से केवल वरिष्ठता को आधार बनाया, जो छत्तीसगढ़ लोक सेवा (पदोन्नति) नियम, 2003 के विरुद्ध है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ‘मेरिट-कम-सीनियरिटी’ सिद्धांत में योग्यता ही मुख्य कारक है और वरिष्ठता का उपयोग केवल तभी होना चाहिए जब दो उम्मीदवारों की योग्यता बिल्कुल बराबर हो।

अदालत के सख्त निर्देश:

* हाईकोर्ट ने 9 मार्च 2023 के पदोन्नति आदेश और याचिकाकर्ता की शिकायत को खारिज करने वाले पत्र को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। * अदालत ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे चार महीने के भीतर नए सिरे से DPC की बैठक आयोजित करें। * नए मूल्यांकन में सभी पात्र अधिकारियों की योग्यता का तुलनात्मक अध्ययन किया जाएगा। * यदि याचिकाकर्ता अधिक योग्य पाए जाते हैं, तो उन्हें सभी वरिष्ठता लाभों के साथ पदोन्नत किया जाएगा।

इस फैसले से सरकारी महकमों में यह संदेश साफ गया है कि उच्च पदों पर पदोन्नति के लिए केवल सेवा के साल काफी नहीं हैं, बल्कि बेहतर प्रदर्शन और कार्यक्षमता ही निर्णायक आधार बनेगी।