Home छत्तीसगढ़ धान उपार्जन व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने राज्यभर में सघन कार्रवाई

धान उपार्जन व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने राज्यभर में सघन कार्रवाई

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रायपुर / धमतरी जिले में धान उपार्जन में गंभीर अनियमितता पाए जाने पर प्राथमिक कृषि सहकारी साख समिति मर्यादित मोहदी के आपरेटर एवं समिति प्रबंधक को सेवा से पृथक कर दिया गया है। प्रशासन की टीम द्वारा उक्त समिति में धान उपार्जन की व्यवस्था के निरीक्षण के दौरान मिलावटयुक्त धान, टोकन का दुरुपयोग एवं अवैध रूप से धान बेचने का मामला पकड़ में आया था।
गौरतलब है कि राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और किसान हितैषी बनाए रखने के उद्देश्य से राज्य शासन के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा अवैध धान परिवहन, भंडारण, बिक्री, मिलिंग अनियमितताओं तथा बिचौलियों के विरुद्ध सतत एवं कठोर कार्रवाई की जा रही है। शासन की मंशा है कि धान उपार्जन का लाभ केवल वास्तविक किसानों को ही प्राप्त हो और व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता को प्रारंभिक स्तर पर ही रोका जाए। धमतरी जिले में मोहदी समिति के प्रबंधक एवं ऑपरेटर की बर्खास्तगी, धान उपार्जन की व्यवस्था में गड़बड़ी करने के परिणाम स्वरूप की गई है।
धमतरी सहित बलौदाबाजार-भाटापारा, सरगुजा, महासमुंद जिले में भी व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में राजस्व, खाद्य एवं मंडी विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम बिलारी (सोनाखान) में अवैध रूप से परिवहन किए जा रहे 75 कट्टा धान सहित एक पिकअप वाहन को जब्त कर पुलिस थाना सलीहा बिलाईगढ़ के सुपुर्द किया गया।
सरगुजा जिले में कलेक्टर के निर्देशन में राइस मिलों का सघन भौतिक सत्यापन किया गया। जांच में राजेश राइस मिल खोडरी एवं सिद्धीविनायक राइस मिल दरिमा में धान की  कमी पाई गई। कस्टम मिलिंग आदेश 2016 के उल्लंघन तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के अंतर्गत संबंधित मिलों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इसी तरह महासमुंद जिले में संयुक्त टीम द्वारा अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए कुल 217 कट्टा धान एवं एक पिकअप वाहन जब्त किया गया। अवैध परिवहन एवं भंडारण के मामलों में मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।