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बघेरा स्थित ब्रह्माकुमारीज के आनंद सरोवर में दिव्य अनुभूतियों का हुआ आगमन, अनेक भाई-बहनें हुए लाभान्वित

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दुर्ग.ब्रह्माकुमारीज के बघेरा स्थित “आनंद सरोवर” में दिव्य आत्माओं का आगमन हुआ जिनके दिव्य अनुभूतियों एवं शुभकामना के प्रकम्पन्न से अनेक भाई-बहनें लाभान्वित हुए। अहमदाबाद के शाही बाग में स्थित सर्च लाइट सेवाकेंद्र की प्रभारी ब्रह्माकुमारी विजया दीदी,धनवंती बहन,लता बहन कानाडा टोरंटो , नेहा बहन (मुम्बई) एवं कन्नू भाई इस आध्यात्मिक समागम में उपस्थित थे। विजया दीदी लगभग 53 वर्षों से समर्पित रूप से अपनी सेवाएं दे रही है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारी विजया दीदी ने कहा कि महान आत्माओं का संग मिलना बहुत ही सौभाग्य की बात है। आपने कहा कि दुर्ग निवासी भाई बहनों को इंदौर जोन के पूर्व जोनल डायरेक्टर ब्रह्माकुमार आत्म प्रकाश भाई एवं ब्रह्माकुमारी कमला दीदी जी का सानिध्य मिला यह आप सभी का किसी न किसी जन्म के पुण्य कर्म का फल है। दुर्ग के आध्यात्मिक तीर्थ स्थल “आनंद सरोवर ” का पवित्र एवं शांति के प्रकंपनो से भरा हुआ यह हाल ब्रह्माकुमारीज की अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय माउंट आबू की अनुभूति कराता है। यह निश्चित तौर पर आप सभी भाई बहनों के तपस्या का परिणाम है। अपने आध्यात्मिक यात्रा का वृत्तांत बताते हुए आपने कहा कि आपकी लौकिक माता-पिता ब्रह्माकुमारी से जुड़े हुए थे आपके पिता सिविल इंजीनियर थे और उन्होंने ब्रह्माकुमारीज के मुख्यालय के निर्माण कार्य में अमूल्य योगदान दिए। धार्मिक संस्कार एवं आध्यात्मिकता आपको विरासत में प्राप्त हुई मात्र 4 साल की आयु में आपने संपूर्ण गीता कंठस्थ कर ली थी। आपके मन में ईश्वर के विषय में अनेक प्रकार के सवाल उठते थे जैसी क्या ईश्वर सर्वव्यापी है? अगर हां तो भगवान कण कण में है तो क्या हम भगवान के ऊपर पैर रखते हैं? हम सबके अंदर भगवान हैं तो इस संसार में इतनी अपराध क्यों हो रहे हैं? सृष्टि में इतनी दु:ख अशांति क्यों है? इन सभी सवालों का जवाब आपको प्रजापिता ब्रह्माकुमारी के पूर्व मुख्य प्रशासिका दादी प्रकाशमणि के द्वारा प्राप्त हुआ। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के संस्थापक ब्रह्मा बाबा से भी मिलने का सौभाग्य आपको प्राप्त हुआ आपकी उम्र जब 4 साल की थी तो ब्रह्मा बाबा से आप मिली थी आपने बताया कि ब्रह्मा बाबा की व्यक्तित्व अद्भुत था। वह बुजुर्गों से बुजुर्गों जैसे मिलते थे और बच्चों से बच्चों जैसे उनका वात्सल्य अनोखा था। ब्रह्मा बाबा का चुंबकीय व्यक्तित्व हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करता था। आपने बताया कि बाल्यकाल मे ब्रह्मा बाबा के व्यक्तित्व की गहरी छाप मुझ पर पड़ी, जो मुझे आज भी अध्यात्म के मार्ग पर आगे बढऩे के लिए प्रेरित करता है।अगर आपका निश्चय दृढ़ और भावनाएं शुद्ध है तो आपकी सफलता निश्चित है। इस कार्यक्रम में आए हुए आपके साथी भाई बहनों ने भी अपने आध्यात्मिक अनुभव साझा किये। इस कार्यक्रम में कुमारी धारनी, कुमारी वेनु एवं कुमारी मीनू द्वारा मनमोहन स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया गया। ब्रह्माकुमारी से जुड़े सैकड़ो भाई -बहनें इस कार्यक्रम में उपस्थित थे। इस कार्यक्रम का कुशल संचालन ब्रह्माकुमारी रूपाली बहन जी ने किया।