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कांग्रेस पार्टी अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने की आदि हो गई है – कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव

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मां का अपमान कांग्रेस की पहचान – गजेंद्र यादव

दुर्ग- दरभंगा की सभा में माननीय प्रधानमंत्री जी और उनके स्वर्गीय माताजी के लिए जिस प्रकार की अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया उसके मूल में स्वयं राहुल गांधी है यदि उनके हाल के भाषणों को विश्लेषण किया जाए तो स्पष्ट होता है कि पिछले कई दिनों से वह प्रधानमंत्री को तू कहकर संबोधित कर रहे हैं जो मर्यादा की पूरी तरह से अवहेलना है |

कभी कांग्रेस का नारा था ” गली-गली कांग्रेस ” अब वही कांग्रेस पार्टी “गाली वाली कांग्रेस” बन गई है|

बिहार की वही पावन भूमि जहां चाणक्य जैसे नीति निर्माता हुए बुद्ध जैसे विश्व गुरु प्रकट हुए और जहां से भाषा ज्ञान और संस्कृति की धारा पूरे विश्व मैं प्रभावित हुई है आज इस बिहार की जनता राहुल गांधी की भाषा को देख परख रही है और निश्चित ही इसका उत्तर भी देगी |

कांग्रेस के लिए अभद्र भाषा कोई नहीं बात नहीं है संसद सत्र के दौरान पूरे राष्ट्र ने देखा कि कांग्रेस सांसद वेल में खड़े होकर लगातार चोर चोर के नारे लगा रहे थे स्थिति इतनी गंभीर हुई कि लोकसभा का अध्यक्ष को स्वयं यह कहना पड़ा की भाषा की मर्यादा चकनाचूर हो गई है |

जब से कांग्रेस पार्टी ने नरेंद्र मोदी जी में एक संभावित और प्रभावित नेता देखा है तभी से वह लगातार उनके प्रति अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करती आ रही है |

सवाल यह है कि पूरे विश्व के लोकतांत्रिक देश में कहां परंपरा है कि राष्ट्राध्यक्ष को नाली का कीड़ा, कॉकरोच, मौत का सौदागर जैसे अपमानजनक शब्दों से संबोधित किया जाए ? और इसके बाद वही लोग यह कहते हैं कि देश में तानाशाही चल रही है| यदि इतनी गालियां देने के बाद भी विपक्ष को लोकतंत्र नहीं दिखता तो फिर उनके लिए लोकतंत्र की परिभाषा क्या है ?

आज राहुल गांधी स्वयं कांग्रेस के नए मणि शंकर अय्यर बन गए हैं दरअसल कांग्रेस पार्टी में मणि शंकर अय्यर के जाने के बाद एक ऐसे व्यक्ति की कमी थी, और उस रिक्त स्थान को राहुल गांधी ने स्वयं भर दिया है |

गाली कि यह राजनीति केवल प्रधानमंत्री तक सीमित नहीं है भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में लगभग हर संवैधानिक संस्था विपक्ष के ऐसे हमले का शिकार हुई है खुद राहुल गांधी सेवा प्रमुख को ” सड़क का गुंडा ” कह चुके हैं|

यही नहीं राहुल गांधी ने चुनाव आयोग को चोर कहा, प्रधानमंत्री को चोर कहा, सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ टिप्पणी की, ईवीएम को चोर बताया यहां तक की सीबीआई और ईडी जैसी संस्थाओं को भी चोर कहा राहुल गांधी की सोच के अनुसार मानो इस देश में सब चोर है बस वही लोग सही है जो स्वयं जमानत पर बाहर है| छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के दुर्ग शहर विधायक गजेंद्र यादव ने जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की बिहार यात्रा के दौरान आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के संबंध में प्रयोग की गई अभद्र भाषा की कड़ी आलोचना की गजेंद्र यादव ने कहा कि दरभंगा की सभा में माननीय प्रधानमंत्री जी और उनकी स्वर्गीय माताजी के प्रति जिस प्रकार की अभद्र और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया उसके मूल में स्वयं राहुल गांधी है यदि उनके हालिया भाषणों का विश्लेषण किया जाए तो यह स्पष्ट होता है कि वह पिछले कई दिनों से प्रधानमंत्री को तू कहकर संबोधित कर रहे हैं जो शिष्टाचार और राजनीतिक मर्यादा की सीधी अवहेलना है कांग्रेस पार्टी ने जब से आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को एक संभावित और प्रभावी नेता के रूप में स्वीकार किया तभी से वह लगातार उनके प्रति हमारे अमर्यादित भाषा का प्रयोग करती आ रही है |

गजेंद्र यादव ने कहा कि बिहार में राहुल गांधी की यात्रा के दौरान जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया जा रहा है वह अत्यंत दुखद है लोकतंत्र में संवाद और सहमति के अपने आदर्श होते हैं सुषमा स्वराज जी के वे शब्द आज भी इस स्मरणीय है जब उन्होंने सदन में कहा था कि ” हम शत्रु नहीं बल्कि वैचारिक रूप से विरोधी हैं ” उन्होंने कहा आज स्थिति चिंताजनक है क्योंकि भाषा की मर्यादा लगातार तार तार हो रही है माननीय प्रधानमंत्री जी और लगभग 100 वर्ष की आयु में दिवंगत उनकी माता जी के प्रति जिस तरह की कटु अश्लील और अभद्र भाषा का प्रयोग की गई वह अत्यंत निंदनीय है कैबिनेट मंत्री श्री यादव ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जिस पार्टी ने कभी अपने आप को स्वतंत्रता संग्राम से जोड़ा और जिसे महात्मा गांधी जी की पार्टी कहा जाता था वही आज गाली वाली पार्टी बन गई यह वह तथाकथित नकली गांधी परिवार की पार्टी है जिसमें अधिकतर दिशा और अहंकार कूट-कूट कर भरा हुआ है उन्हें ऐसा लगता है मानो भारतवर्ष पर केवल उनका ही अधिकार हो यदि उनकी राजनीतिक सत्ता नहीं मिलती तो वह लोकतांत्रिक रूप से चुने गए नेताओं से गद्दी छोड़ने की मांग करते हैं और जब सत्ता हाथ नहीं आती तो वे जो लोकतांत्रिक रूप से चुने हुए व्यक्ति पर व्यक्तिगत और अपमानजनक भाषा तक प्रयोग करने से नहीं चुकते
यहां तक कि उसे मां की गाली भी दे सकते हैं|

कैबिनेट मंत्री एवं दुर्ग शहर विधायक गजेंद्र यादव ने कहा कि बिहार वह धरती है जहां से चाणक्य का जन्म हुआ जहां से भगवान बुद्ध का संदेश प्रसारित हुआ जहां से भाषा ,ज्ञान और संस्कृति की धारा प्रवाहित हुई| आज इस बिहार की जनता राहुल गांधी की भाषा को देख रही है, उसे परख रही है और समय आने पर उसका उत्तर भी देगी |और इस अभद्र भाषा की प्रवृत्ति के मूल जनक से स्वयं राहुल गांधी ही है दरभंगा की सभा में मंच से जिस प्रकार माननीय प्रधानमंत्री जी और उनकी माता जी के बारे में कहा गया |उसके पीछे भी राहुल गांधी का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है यदि उनके हालिया भाषणों का विश्लेषण किया जाए तो पता चलता है कि पिछले कई दिनों से वह प्रधानमंत्री को तू कह कर संबोधित कर रहे हैं, जैसे तू युद्ध बंद कर दे, 24 घंटे का समय दिया गया नहीं तो, तुझे छोड़ा नहीं जाएगा, तुझे हम देख लेंगे कैबिनेट मंत्री श्री यादव ने कहा कि राहुल गांधी को समझना चाहिए कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी 140 करोड़ भारतीयों के प्रधानमंत्री हैं इस प्रकार की भाषा किसी भी दृष्टि से उचित नहीं कहीं जा सकती भारत वर्ष सदैव संवाद की मर्यादा का सम्मान करता और अभद्र और अमर्यादित भाषा को कभी स्वीकार नहीं करता |

कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि दुर्भाग्य बस यह पहली बार नहीं है हाल ही में संसद के सत्र में जिस तरह के नारे लगाए गए “चोर, चोर, चोर और कांग्रेस से सदस्यों ने वेल में खड़े होकर जिस प्रकार का व्यवहार किया उसकी ओर स्वयं लोकसभा अध्यक्ष ने भी अंतिम दिन स्थगित करते समय भाषा की मर्यादा के तार-तार होने का जिक्र किया था उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के लिए अपमानजनक भाषा के प्रयोग की यह परंपरा नई नहीं है यह सिलसिला 2012-13 से ही चला आ रहा है जब से कांग्रेस ने माननीय नरेंद्र मोदी जी को एक संभावित और प्रभावी नेता के रूप में देखा है तब से वो लगातार उनके लिए अमर्यादित और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करती रही है| ‘ ‘मौत का सौदागर, नाली का कीड़ा, नीच आदमी, कॉकरोच, वायरस, भस्मासुर, रावण, दुर्योधन जैसे शब्द भी कांग्रेस नेताओं द्वारा उनके लिए कहे जा चुके हैं |

कैबिनेट मंत्री एवं भाजपा विधायक गजेंद्र यादव ने कहा कि यह कैसी राजनीतिक संस्कृति और वातावरण है, जिसे कांग्रेस पार्टी भारत में स्थापित करना चाहती है? वे कहते हैं कि भाजपा की सरकार में हिटलरशाही और तानाशाही है। परंतु प्रश्न ये है कि दुनिया के किस लोकतांत्रिक देश में राष्ट्राध्यक्ष के लिए ‘नाली का कीडा’, ‘कॉकरोच’, ‘वायरस’, ‘मौत का सौदागर’ जैसे अपमानजनक शब्दों का प्रयोग होता है और फिर वही लोग इसे हिटलरशाही बनाते हैं! सोचिए, जब इतनी गालियाँ देने के बाद भी उन्हे लोकतंत्र में तानाशाही दिखाई देती है, तो उनके हिसाब से लोकतंत्र का मतलब केवल विरोधी मरना ही बाकी रह जाएगा। एक बार तो नारे तक लगाए गए थे – “मोदी मर जा तू।” यह नारे एयरपोर्टा पर बैठे कुछ नेताओं ने दिए थे।

कैबिनेट मंत्री एवं भाजपा विधायक गजेंद्र यादव ने कहा कि आज राहुल गांधी, मणिशंकर अय्यर और संजय राउत की भाषा में कोई अंतर नहीं रह गया है। इंडी गठबंधन में मानो यह प्रतिस्पर्धा चल रही है कि राहुल गांधी संजय राउत जैसे बन सकते हैं या नहीं। वास्तव में राहुल गांधी, कांग्रेस पार्टी के नए मणिशंकर अय्यर बन चुके हैं। अय्यर जी के दौर की समाप्ति के बाद जो खाली स्थान था, उसे राहुल गांधी ने स्वयं भर दिया है।

कैबिनेट मंत्री एवं भाजपा विधायक गजेंद्र यादव ने आगे कहा कि दुर्भाग्य से आज गाली की राजनीति केवल प्रधानमंत्री तक सीमित नहीं है। कांग्रेस और विपक्ष ने लगभग सभी संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाया है। राहुल गांधी और कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट तक को सडकों पर घसीटा गया, न्यायाधीशों पर आरोप लगाए गए और फैसलों पर पक्षपात का ठप्पा लगाया गया – यह सीधे-सीधे सुप्रीम कोर्ट पर हमला है। इसी प्रकार आज चुनाव आयोग को भी रोज अग्निपरीक्षा से गुजरना पडता है, क्योंकि हर बार उनके (राहुल गांधी) द्वारा आयोग पर आए दिन आधारहीन आरोप लगाए जाते हैं। जो मुद्दे शिकायत दर्ज करने की जगह उठने चाहिए, उन्हे सडकों पर उछाला जाते हैं। सेना प्रमुख को भी राहुल गांधी ‘सडक का गुंडा’ कह चुके हैं। सीबीआई और ईडी कि को कांग्रेस ने “चोर” बताया। श्री यादव ने कहा कि राहुल गांधी ने हर संवैधानिक प्राधिकरण के खिलाफ़ भ्रष्ट्चार के आरोप लगाए। चुनाव आयोग को ‘चोर’ कहा, प्रधानमंत्री को ‘चोर’ कहा, सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ बयान दिए, ईवीएम को ‘चोर’ कहा, सीबीआई, ईडी इन सभी संस्थाओं को चोर बताया। राहुल गांधी के अनुसार – सब चोर हैं, बस जो बेल पर बाहर हैं, वही सही हैं।

श्री यादव ने कहा की कभी कांग्रेस का नारा था – “गली-गली कांग्रेस”, पर आज वही पार्टी “गाली वाली कांग्रेस” बन गई है। राहुल गांधी को लगता है कि गाली देकर वे आगे बढ़ सकते हैं, लेकिन न कोई कभी गाली से राजनीति में आगे बढ़ा है और न आगे बढ़ पाएगा। भाषा की मर्यादा के विषय पर राहुल गांधी से माफी की अपेक्षा नहीं है क्योंकि वो माफी नहीं मांगेंगे। राहुल गांधी को माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को गाली देकर एक प्रकार का सुख मिल रहा है, लेकिन जनता इसे सुखद नहीं मान रही है। बिहार की जनता इसका जवाब देगी।

कैबिनेट मंत्री एवं भाजपा विधायक गजेंद्र यादव ने आगे कहा कि राहुल गांधी वही व्यक्ति हैं जिन्होंने सदन में कहा था कि जनता यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को “डंडों से मारेगी। लेकिन माननीय प्रधानमंत्री जी ने उसी समय मुस्कुराकर जवाब दिया था कि “कहा जा रहा है कि मुझे डंडे से मारा जाएगा, कोई बात नहीं। मैं सूर्य नमस्कार की संख्या बढ़ा दूंगा, ताकि मेरी कमर इतनी मजबूत हो जाए कि अगर डंडा भी पडे तो टूटे नहीं।” यही एक सच्चे नेता का व्यवहार है। एक रास्ता राहुल गांधी ने चुनी है और एक आदरणीय प्रधानमंत्री,  नरेन्द्र मोदी जी ने मर्यादा का मार्ग चुना है और जीत हमेशा मर्यादा की ही होती है।

’ आयोजित प्रेस वार्ता में कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव ,भाजपा जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक ,कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त एवं दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, बालोद जिला अध्यक्ष चिम्मन देशमुख, महापौर श्रीमती अलका बाघमार ,सभापति श्याम शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, जिला मीडिया प्रभारी राजा महोबिया उपस्थित रहे |