दुर्ग। राज्य की विष्णुदेव साय सरकार द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही पेयजल संकट दूर करने नगर निगम द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को कम समय में स्वीकृति प्रदान करते हुए आज प्रथम चरण में मिलियन प्लस सिटी योजना अंतर्गत 15वे वित्त आयोग से लगभग 6करोड़ 50,53 लाख की राशि की मंजूरी दी है।
इस बड़ी उपलब्धि के लिए नगर निगम की महापौर श्रीमती अल्का बाघमार ने राज्य के मुख्यमंत्री मंत्री विष्णुदेव साय,नगरीय निकाय मंत्री अरुण साय जी तथा शहर विधायक व केबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि यह शहरवासियो के लिए बड़ी सौगात है जिसमे महापौर परिषद द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को राज्य शासन ने बहुत जल्दी स्वीकृति प्रदान की है जिसे हमे निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य के साथ पूरा करना है ताकि विभिन्न वार्डो में आए दिन होने वाली जलसंकट से लोगो निजात दिला सके।
शासन से मिली स्वीकृति राशि के तहत ये कार्य होंगे
इसके तहत 24 एमएलडी फिल्टर प्लांट व शिवनाथ नदी इंटकवेल में प्रथम चरण में 120 एचपी के उच्च क्षमता वाला 3 मोटर पम्प लगाए जाएंगे जिसमे शासन ने शिवनाथ नदी इंटकवेल में 2 मोटर पम्प के लिए 1 करोड़ 94.65 लाख,फिल्टर प्लांट में एक पंप के लिए 97.33 लाख की राशि स्वीकृति की है यह सभी स्काडा सिस्टम से स्वचलित होगा इससे 30 वर्ष से अधिक पुराने मोटर पम्प होने के कारण कई वार्डो में समय पर पानी नही भर पाने के चलते आए दिन लो प्रेशर की समस्या से काफी हद तक निजात मिलेंगी।
वही गया नगर, मठ पारा राजीव नगर वार्डो में लंबे समय से जलसंकट की स्थाई समाधान के लिए शासन ने 1करोड़ 99 लाख राशि से गया नगर वार्ड 4 में 15 लाख किलोमीटर क्षमता की पानी टंकी निर्माण की स्वीकृति प्रदान की है साथ ही,इस टंकी तक पानी पहुंचाने राइजिंग लाईन बिछाने 1करोड़ 21 लाख,टंकी भरने आधुनिक सिस्टम स्काडा के तहत 18 लाख की राशि,टंकी भरने हेतु मंजूरी प्रदान की है नई पानी टंकी निर्माण की स्वीकृति मिलने से गया नगर वार्ड 4 ही नही मठ पारा वार्ड 3 राजीव नगर वार्ड व वार्ड 57 राम नगर के रहवासियों पानी की किल्लत से छुटकारा मिलेगा।इसके अलावा पेयजल निवारण के लिए 20लाख की अतिरिक्त स्वीकृति प्रदान की है।
उल्लेखनीय है कि महापौर अलका बाघमार ने कार्यभार सम्हालते ही शहर में पानी की संकट दूर करने के कार्य को अपनी पहली प्राथमिकता में रखते हुए जनता को एक वर्ष के अंदर बड़ा कदम उठाने का वादा किया था जिसके बाद से लगातार जल विभाग प्रभारी श्रीमती लीना दिनेश देवांगन व जिम्मेदार अधिकारियो के साथ समीक्षा बैठक लेकर पेयजल समस्या दूर करने आवश्यक संसाधनों के लिए प्रस्ताव तैयार करवाने की निर्देश दिए थे जिसके बनते ही महापौर परिषद में स्वीकृति प्रदान कर शासन को प्रेषित किया गया जो बेहद कम समय में महापौर अल्का बाघमार के प्रयास से मंजूरी मिल गई है।
🔸इस कार्य को शीघ्रता से पूर्ण करने शासन ने कुछ आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए है जिसके तहत उपयोगिता प्रमाण पत्र और फोटोग्राफ्स जमा करना होगा अनिवार्य:
🔸नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के दिशा-निर्देशों का करना होगा पालन:
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि स्वीकृत राशि का उपयोग केवल निर्धारित कार्यों के लिए किया जाएगा तथा इसके क्रियान्वयन में शासन के दिशा-निर्देशों एवं प्रक्रियाओं का पूर्ण पालन करना अनिवार्य होगा।
गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध कार्य पर जोर
निर्देशों में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ वर्क्स मैनुअल के प्रावधानों का पालन करते हुए कार्यों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। किसी भी प्रकार का परिवर्तन या विभक्तिकरण सक्षम अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा।
सामग्री क्रय के लिए ई-मानक और जेम पोर्टल का उपयोग
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सामग्री क्रय के लिए निर्धारित दरों का अलग से निर्धारण नहीं किया गया है। अतः क्रय प्रक्रिया छत्तीसगढ़ शासन भंडार क्रय नियम-2002 (संशोधित 2020) के अनुसार ई-मानक और जेम पोर्टल से ही की जाएगी।
निविदा और स्वीकृति प्रक्रिया
जहाँ कार्य एक समान स्वरूप के हों, वहाँ निविदाओं को विभाजित नहीं किया जाएगा और एकल निविदा जारी की जाएगी। साथ ही कार्य का निष्पादन तभी किया जाएगा जब सक्षम प्राधिकारी से अनुमोदन प्राप्त हो जाएगा।
उपयोगिता प्रमाण पत्र देना अनिवार्य
कार्य पूर्ण होने के बाद निगम को उपयोगिता प्रमाण पत्र तथा सत्यापित फोटोग्राफ्स शासन को प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। साथ ही नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा समय-समय पर जारी होने वाले दिशा-निर्देशों का पालन भी सुनिश्चित किया जाएगा।



