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दुर्गा काली मंदिर उरला में हुई गुरुमाता रागिनी देवी कहार की प्रतिमा की स्थापना

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अनावरण कार्यक्रम में विधायक गजेंद्र यादव,महापौर अलका बाघमार,रजनी बघेल,अरुण वोरा सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण हुए शामिल

 दुर्ग.  नगर में सिद्धपीठ के नाम से प्रसिद्ध मां जगतारण दुर्गा काली मंदिर उरला में मुख्य पुजारी गुरुजी श्री सुशील कहार जी की धर्मपत्नी गुरुमाता रागिनी देवी जी कहार की प्रथम पुण्य तिथि पर आज मंदिर परिसर में अष्टधातु से निर्मित प्रतिमा स्थापित कर पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में शहर विधायक गजेंद्र यादव,महापौर श्रीमती अल्का बाघमार,सांसद विजय बघेल जी की धर्मपत्नी श्रीमती रजनी बघेल पूर्व विधायक अरुण वोरा भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने सहित अनेक गणमान्य लोग शामिल हुए कार्यक्रम में उपस्थित नेताओ ने गुरुमाता रागिनी देवी कहार को पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें एक देवी स्वरूपा पुण्य आत्मा बताते हुए अल्पायु में देवगन की पहली बरसी पर नमन कर उनके स्मृति में मंदिर समिति द्वारा स्थापित किए गए प्रतिमा को उनके जीवन काल में किए गए सेवा व आचरण को स्मृति के रूप चीर स्थाई करने की दिशा में सार्थक कदम बताया। ईस अवसर पर प्रमुख रूप से पूर्व सभापति दिनेश देवांगन एमआईसी सदस्यगण देवनारायण चंद्राकर,श्रीमती लीना देवांगन ज्ञानेश्वर ताम्रकार,पार्षद सरस निर्मलकर,श्रीमती रेशमा सोनकर,पूर्व पार्षद शिवेंद्र परिहार,बृजलाल पटेल,मंदिर समिति के संयोजक गुलाब सिंह चौहान,मंडल अध्यक्ष कमलेश फेकर सहित बड़ी संख्या में मंदिर से जुड़े भक्तजन मौजूद थे।

उरला बायपास रोड के नीचे स्थित मां जगतारण काली मंदिर की ख्याति से प्रभावित होकर दूर दूर से भक्त जन मातारानी का दर्शन करने पहुंचते है इसके मुख्य सेवक गुरुजी सुशील कहार जी द्वारा वर्षो से दीन दुखियों की सेवा कर मातारानी की भक्ति के माध्यम से स्थानीय ही नही दूर दराज से आने वाले पीड़ितों की भी सेवा किया जाता है और उनके ईस पुनीत कार्य में उनकी धर्मपत्नी रागिनी देवी कहार भी हाथ बटाती थी जिसे भक्तजन गुरुमाता के रूप देखते थे किंतु एक वर्ष पूर्व अस्वस्थता के चलते उनकी मृत्यु हो गई उनकी पहली बरसी पर उनके सम्मान में आज गुरुमाता की प्रतिमा स्थापित कर श्रद्धासुमन अर्पित किया गया ईस अवसर पर विधायक गजेंद्र यादव ने गुरुमाता रागिनी देवी जी कि मूर्ति की स्थापना को केवल एक प्रतिमा के रूप में नही अपितु उनके जीवन काल में किए निस्वार्थ भाव की सेवा की प्रतिमूर्ति के रूप में देखा जाना चाहिए महापौर अलका बाघमार ने भी रागिनी देवी को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उन्हें सादगी की देवी बताया पूर्व विधायक अरुण वोरा ने मंदिर में गुरुजी के साथ उनकी धर्मपत्नी द्वारा जीवन काल में किए सेवा को चीर स्थाई बनाए रखने स्थापित गए प्रतिमा को दूसरो के सेवा के लिए प्रेरित करने वाला बताया कार्यक्रम के दौरान शांति भोज का भी आयोजन किया गया जिसमे बड़ी संख्या में मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं ने भोजन ग्रहण किया।इस अवसर पर दिनेश नलोडे,अमित पटेल,नवीन साहू,गोलू सोनकर,पीलिया बाई साहू,गणेश साहू सहित अनेक लोग मौजूद थे।