मनीष श्रीवास्तव( विशेष संवाददाता)
रायपुर(समय दर्शन)। आज के भूपेश बघेल की घबराहट को छत्तीसगढ़ की जनता देख रही हैं।जरा पीछे जाकर देखने में क्या यही वो भूपेश बघेल है,जो आत्मविश्वास और ऊर्जा से भरे कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष थे !जो रमन सरकार से लड़ते हुए जेल जाने पर जमानत लेने से इंकार कर दिए थे।और तभी इनके ऊपर हाईकमान और प्रदेश की जनता की नजर एक फायर ब्रांड नेता के रूप में की गई थी।
जेल यात्रा के दौरान ही इन्होंने एक तीर से दो शिकार किए थे,
अजित जोगी की नई पार्टी को इन्होंने चार कदम पीछे धकेल दिया था, और यह तय कर दिया था कि रमन सरकार का अंत तय है।मै व्यक्तिगत तौर पर भूपेश बघेल को जितना जानता हूं,
एक बेहद मजबूत फाइटर नेता रहे है। परंतु इतिहास गवाह है सलाहकार और इर्द गिर्द के लोग हीराजा को बर्बाद कर देते है।
सरकार बनते ही भूपेश बघेल विरोधी को निपटाने में व्यस्त हो गए,और भ्रष्टाचारियों ने उनके पुत्र को अपने जाल में फंसा लिया ।भूपेश बघेल ने यह तो तय कर लिया कि उनको छत्तीसगढ़ कांग्रेस पार्टी में कोई मात नही दे सकता,पर वे यह भूल गए कि जनता उनको राज सिहासन से हटा सकती है।चाटुकारों से घिरे भूपेश बघेल को शासन के उच्च अधिकारी से लेकर चमचे नेताओं ने वही पिक्चर दिखाया,जो वो देखना चाहते थे।समय का खेल देखिए भूपेश बघेल जमानत से इंकार करके इतने बड़े नेता बन गया है,आज उनका आत्मविश्वास भी इतना डगमगा गया कि,वो अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट के सारे दरवाजे में दस्तक दे रहे है,शायद यही पुत्र प्रेम है,जो अजित जोगी को नई पार्टी बनाने को मजबूर कर दिया था,यही पुत्र मोह आज भूपेश बघेल के आत्मविश्वास को विचलीत कर दिया है।


