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सोशल मीडिया मे बसना एक बार फिर सुर्खियों में है

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सूचना पोर्टल पर योजनाएं दर्ज नहीं, ग्रामीणों ने की जाँच की माँग

55 लाख से अधिक के विकास कार्यों में गड़बड़ी की आशंका

बसना- इन दिनों जनपद पंचायत बसना के पूर्व जनप्रतिनिधियों के द्वारा शासन के पैसों का दुरूपयोग एवं बंदरबाट करने मामला सुर्खियों पर है।
जनपद पंचायत बसना क्षेत्र के पूर्व जनप्रतिनिधियों के द्वारा विकास कार्यों के लिए आबंटित पैसों मे गिद्ध दृष्टि रखकर कार्यों मे लीपा पोती और भारी अनियमितता कर शासन को बदनाम करने की नियत से नियम कायदे को ताक मे रखकर मनमानी का आरोप चौक चौराहों मे चर्चा का विषय बना हुआ है । अभी बरडीह के पूर्व सरपंच का मामला शांत हुआ ही नहीं है और बिछिया(सागरपाली) मे भारी अनियमितता का मामला प्रकाश मे आया है,जिस पर ग्रामीण लामबंद हो रहे हैं ।

गौरतलब हो कि,बसना मे
वर्ष 2024-25 के लिए कुल 1 करोड़ 36 लाख 58 हजार 140 रपये की राशि विकास कार्यों के लिए स्वीकृत की गई थी। इस राशि से 102 ग्राम पंचायतों में 45 कार्यों को मंजूरी मिली। जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों मे बुनियादी सुविधाओं को सशक्त बनाना था।
बावजूद इन विकास कार्यों की पारदर्शिता और गुणयता को लेकर गंभीर सवाल उठना लाजमी हो गया है।

जनपद पंचायत की पूर्व अध्यक्ष रुक्मणी सुभाष पटेल का निवास ग्राम बिछियाँ है। जहां कुल 55 लाख 70 हजार 645 रुपए की लागत से विभिन्न निर्माण कार्य कराए गये।
ग्रामीणों का आरोप है कि ये कार्य निम्न युगवता के हैं

इनमें पारदर्शिता भी नहीं बरती गई है। यहां कराए गए कुछ प्रमुख कार्यों में
पानी टैंकर क्रयः 2,00,000,
नवीन तालाब निर्माण (पहला) 20,00,000,
नवीन तालाब निर्माण पहाड़ के नीचे): 17,35,395, पचरी निर्माण कार्यः 2.83,350, सीसी रोड निर्माण (पहला) 5,50,000, नल जल प्रदाय निर्माण (तीस) 4,00,000,
सीसी रोड निर्माण (दूसरा 4,00,0001
इन सबका सूचना पटल पर कहीं दर्ज ही नहीं की गयी है

सबसे गंभीर बात यह है कि ग्राम बिछिया में कराए गए इन विकास कार्यों की जानकारी किसी भी शासकीय सूचना पोर्टल, वेबसाइट कार्य का संधारण ग्राम सभा के सूचना पट पर दर्ज नहीं है। ग्रामवासियों का कहना है कि,
जनपद पंचायत कार्यालय बसना से
इन कार्यों की जानकारी प्राप्त करना चाहते थे, लेकिन कहीं से भी
उन्हें इनकी विधिवत सूचना नहीं मिली।

ग्रामीणों की नाराजगी, जांच की मांग
ग्रामीणों ने इन कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए संदेह जताया है कि, कई कार्य सिर्फ कागजों पर दिखाए गए हैं या फिर अधूरे व घटिया तरीके से किए गए हैं।
उन्होंने जिला प्रशासन व संबंधित विभाग से शिकायत करते हुए इन कार्यों की स्वतंत्र तकनीकी जांच की मांग की है।

पारदर्शिता पर उठ रहे शवाल, शासन की योजनाओं मे की गयी लीपापोती
ग्रामीणों का कहना है कि शासन द्वारा जारी की गई राशि यदि सही ढंग से खर्च की जाती तो ग्राम विछियाँ के विकास कार्यों के
बुनियादी ढांचे में बड़ा सुधार देखा जाता। लेकिन, सूचना के अभाव और गुणवत्ता को अनदेखी से सरकारी योजनाएं सवालों के घेरे में है।

प्रशासन की चुप्पी, ग्रामीणों की नजरें जांच पर टिकी
फिलहाल, इस पूरे मामले पर जनपद पंचायत बसना या जिला प्रशासन की कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ग्रामीणों की नजर अब प्रशासनिक जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी हुई है। इस संबंध में जनपद पंचायत बसना के एसडीओ नयन प्रधान का कहना है कि ग्राम पंचायत विडिया में विकास कार्य हुआ है, जिसका मूल्यांकन बाकी है और 40 प्रतिशत भुगतान हो चुका है।