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शासकीय भूमि पर दबंगो का कब्जा, तहसीलदार से शिकायत, सुशासन तिहार के दौरान खुला अतिक्रमण का पोल

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पिथौरा। शरहद से लगे नयापारा खुर्द में शासकीय भूमि पर रातों-रात अवैध कब्जा करने का मामला सामने आया है। मामले की लिखित शिकायत ग्रामीणों ने तहसीलदार से की है। सुशासन तिहार में ग्राम की ही महिला मुनिया साहू ने आवेदन क्रमांक 25144636400156 में बताया कि ग्राम के तालाब की भूमि में झोपड़ी बनाकर अवैध कब्जा कर लिया गया है। इसके बाद प्रशासन ने मौका देखने हल्का पटवारी कमल सिदार को भेजा। जिसने भी अवैध कब्जा की पुष्टि जांच रिपोर्ट में की। इधर, ग्रामीणों का कहना है कि बेशकीमती भूमि से साक्ष्य के बाद कब्जा न हटाने से प्रशासन की भी मिलीभगत का संदेह है। खसरा नंबर 16, जो 0.32 हेक्टेयर की शासकीय भूमि है और रिकॉर्ड में तालाब के रूप में दर्ज हैं। जिस पर तुलसी राम साहू ने करीब 2 माह पूर्व ईंट का मकान बना लिया। मौका जांचने के बाद पटवारी कमल सिदार ने पंचनामा बनाकर जांच में पुष्टि की कि, खसरा नंबर 16 (कुल रकबा 2.69 हेक्टेयर) पर टिन शेड और ईंट से अवैध निर्माण हुआ है। यह भूमि सड़क किनारे होने से कीमती है। इस भूमि पर स्कूल के बच्चे आवागमन करते हैं। इसके बाद इस रिक्त भूमि की उपयोग के लिए बच्चों के खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए करने दो महीने पहले स्कूल ने इस स्थल की सफाई की थी। कुछ दिन पश्चात इस दौरान भूमि पर दबंगों ने कब्जा कर लिया। ग्रामीणों ने कब्जेधारी से भूमि खाली करने को कहा तो उसने उल्टा स्कूल पर शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत के बावजूद पिथौरा तहसील में इस मामले का महीनों बाद भी निराकरण नहीं किया गया। यह प्रशासनिक जवाबदेही की कमी को दर्शाता है।

जनप्रतिनिधियों ने की थी शिकायत

अंकुर अनंत सिंह वर्मा ने इस शासकीय जमीन से बेजा कब्जा को मुक्त करने की शिकायत की थी। आवेदन में लेख किया था कि तुलसीराम साहू नयापारा खुर्द पटवारी हल्का नंबर 4 लहरौद पिथौरा के शासकीय भूमि खसरा नंबर 16 जी की मिसल अभिलेख में तालाब मद में दर्ज है। जिसे तुलसीराम साहू ने 262 वर्गफीट में ईट का काम चलाउ मकान
बना कर कब्जा किया है। इस कीमती जमीन पर अवैध कब्जा तत्काल तोड़‌कर भूमि शासकीय परियोजना के लिए चिन्हांकित कर सुरक्षित किया जाना चाहिए । पर प्रशासनिक सुस्त रवैये से आम जनमानस के सरोकार से जुड़े मुद्दों पर अवसरवादी कुण्डली मार रहे हैं और विभाग मूक दर्शक बने चुपचाप देखने विवश है।