नुकसान की भरपाई नहीं करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी।
कवर्धा। सरदार वल्ल्भ भाई पटेल शक्कर कारखाना पंडरिया के गन्ना रिकवरी दर में शक्कर मिल के एमडी एवं विधायक पंडरिया की मिली भगत के कारण कमी आने का आरोप कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष नीलू चंद्रवंशी ने लगाया है। किसानों के नुकसान की भरपाई विधायक व एमडी द्वारा नहीं करने पर उन्होने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
पूर्व जिलाध्यक्ष श्री चंद्रवंशी ने कहा है कि पिछले वर्ष 270582 मैट्रिक टन पेराई हुआ था जबकि इस वर्ष गन्ना पेराई 313000 मैट्रिक टन हुआ है। यानि इस वर्ष 42418 मैट्रिक टन अधिक पेराई हुआ है और रिकवरी दर में भी बढ़ोतरी हुआ है। पिछले वर्ष 2022-23 में रिकवरी दर 13.15 प्रतिशत आया था और इस वर्ष 2023-24 मे रिकवरी दर बढ़ोतरी होकर लगभग 14 प्रतिशत आया है लेकिन पंडरिया विधायक और पंडरिया शक्कर मिल के एमडी ने मिली भगत कर इस वर्ष की रिकवरी दर 12.78 प्रतिशत बता रहे हैं जो कि गलत है। इस कारण पंडरिया के किसानों को प्रति क्विंटल 38 रुपए कम मिल रहा है, जिससे किसानों को 12 करोड़ रुपए का नुकसान हो गया है। इसका जिम्मेदार शक्कर मिल के एमडी सतीश पाटले एवं पंडरिया विधायक का भ्रष्टाचार है। ये दोनों मिलकर पंडरिया के किसानो का भारी नुकसान किया है।
पंडरिया शक्कर कारखाना मे ये दोनों ने मिली भगत कर भ्रष्टाचार करने के लिए बहुत सारे काम करने वाले ईमानदार कर्मचारी एवं प्लेसमेंट ठेकेदार को बिना कारण बताए नौकरी से निकाल दिए है क्योंकि ईमानदार कर्मचारी के मिल मे रहने से ये दोनों भ्रष्टाचारी एमडी एवं विधायक भ्रष्टाचार नहीं कर पाते इसलिए बहुत सारे लोगों को बिना कारण बताए मिल से निकाल दिए हैं और अपने चहेते को भ्रष्टाचार करने के लिए मिल मंे नए लोगों को नौकरी में रखे हैं।
पिछले 15 साल के डॉ रमन की सरकार में 15 साल किसानों को एक रुपए भी रिकवरी दर की राशि नहीं मिली थी। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने किसानों की रकवरी दर की राशि भ्रष्टाचार कर डकार जाते थे। जबकि छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल की सरकार बनने के तुरंत बाद किसानों को गन्ना रिकवरी दर की राशि पूरा पांच साल मिला है। वहीं 15 साल भारतीय जनता पार्टी की सरकार में किसानों को रिकवरी राशि क्यों नहीं मिला और इस वर्ष 2023-24 मे रिकवरी दर कम क्यों हुआ। कवर्धा जिला के किसान जवाब मांग रहे हैं
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