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केंद्र सरकार की मुद्रा योजना से युवा बन रहें हैं आत्मनिर्भर

लघु उद्योग, छोटे व्यापारियों की वित्तीय सहायता करने की लिए वर्ष 2015 मुद्रा लोन योजना शुरू की गई। आम तौर पर ऐसे व्यापारियों को और इकाइयों को लोन लेने में काफी परेशानी होती है। इसी वजह से वह अपना बिज़नेस बढ़ा नहीं पाते थे। इन्हीं परेशानियों के समाधान के लिए मुद्रा लोन योजना शुरू की गयी है। योजना के जरिये अब लोगों के सपने साकार हो रहे हैं, नये आकार ले रहे हैं।

गीता कभी आर्थिक रूप से पूरी तरह अपने पति पर निर्भर थी लेकिन आज हालत बदले हैं वो आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं। एनजी गीता की इस सफल कहानी में एक बड़ा किरदार निभाया केन्द्र सरकार की मुद्रा योजना ने। कर्नाटक के शिवमोगा जिले के विनोभा नगर की रहने गीता ने 7 साल पहले अपना छोटा का कारोबार शुरू किया। अपने करोबार को बढ़ाने की चाहत थी तो किसी ने केन्द्र सरकार की मुद्रा योजना के बारे में जानकारी दी और यहीं से गीता के जीवन में बड़ा बदलाव आया।

प्रधानमंत्री मोदी कई योजनाएं लेकर आये है जिनसे लोगों के जीवन में बदलाव आया है। हम कपड़े का व्यापार करते थे लेकिन उसको आगे बढ़ाने के लिए पैसे की कमी थी। मुद्रा योजना से हमे लोन मिला और व्यापार भी सफलता से आगे बढ़ रहा है।
कुछ ऐसी ही सफलता की कहानी है तो हुबली के लक्ष्मीनगर के राजा राजेश्वरी राठौड़ और शोभा की भी है। मुद्रा योजना से मिले लोन से इन दोनों के अगरबत्ती व्यापार में नयी महक भर दी है।
कर्नाटक में मुद्रा योजना की सफलता कई और इलाको में भी देखने को मिल रही है। यमनौर कारवार जिले में अपनी बेडिंग हाउस है, और मुद्रा योजना से मिले लोन ने उनके जिंदगी को नयी रफ्तार दी है।

कुमाड़ा पुंडलिका गौड़ा, जो पिछले 20 सालों से ज्वेलरी कारोबार में हैं, मुद्रा योजना से मिले लोन ने उनके व्यापार को नयी चमक दी है।

ये वो चंद कहानियां है। चंद किरदार हैं जिनके सपनों को हकीकत बनाने का काम मुद्रा योजना ने किया है।

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