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प्रतिरोपण के लिए अंग राज्य से बाहर भेजने के मामले की जांच के आदेश

गोवा के एक निजी अस्पताल में मस्तिष्क मृत व्यक्ति के अंग निकाले जाने और अंग को प्रतिरोपण के लिए मुंबई भेजे जाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं। 

गोवा के एक निजी अस्पताल में मस्तिष्क मृत व्यक्ति के अंग निकाले जाने और राज्य के एक सरकारी अस्पताल में प्रतिरोपण का इंतजार कर रहे व्यक्ति की बजाए अंग को प्रतिरोपण के लिए मुंबई भेजे जाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं।

इसे देखते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से संबंद्ध पश्चिमी क्षेत्र की अंग प्रतिरोपण इकाई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गोवा में स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांस्प्लांट ऑर्गनाइजेशन ( एसओटीटीओ ) के गठन की जरूरत की ओर संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया है।

सोमवार को एक अस्पताल में मस्तिष्क मृत एक व्यक्ति के अंगों को निकाला गया और उन्हें गोवा मेडिकल कॉलेज एडं हॉस्पिटल ( जीएमसीएच ) को देने की बजाए मुंबई के एक अस्पताल में भेज दिया गया।

जीएमसीएच उस निजी प्रतिष्ठान के नजदीक ही स्थित है जहां अंगों को निकाला गया था और उसने दावा किया है कि उसका एक मरीज गुर्दा प्रतिरोपण का इंतजार कर रहा है।

गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने जीएमसीएच के अधिकारियों की एक टीम गठित कर यह पता लगाने को कहा है कि स्थानीय मरीज को अंग क्यों नहीं मुहैया कराया गया।

इसबीच पश्चिम क्षेत्र , मुंबई के रीजनल ऑर्गन एडं टिश्यू ट्रांस्प्लांट ऑर्गनाइजेशन ( आरओटीटीओ ) के निदेशक डा एसट्रिड लोबो गजीवाला ने गोवा के स्वास्थ्य सेवा निदेशक डा संजीव दल्वी ने पत्र लिख कर एसओटीटीओ के गठन की जरूरत पर जोर दिया था।

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