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लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा आज

आज लोकसभा में होगी मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा, सरकार आंकड़ों को लेकर है आश्वस्त, सदन में 37 सदस्यों वाली AIADMK नहीं लेगी वोटिंग में हिस्सा

लोकसभा में आज मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी। हांलाकि इससे पहले सियासी खेमेबंदी शुरू हो गई है। लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने बुधवार को टीडीपी का अविश्वास प्रस्ताव स्वीकार कर लिया था। केंद्र सरकार और विपक्ष, दोनों ही इसे लेकर कोई मौका गंवाना नहीं चाह रहे हैं।

संसद के मॉनसून सत्र में विपक्ष की ओर से मोदी सरकार के खिलाफ लाए गए पहले अविश्वास प्रस्ताव पर शुक्रवार को होने वाली चर्चा से पहले सियासी गतिविधियां चरम पर हैं । सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की ओर से गुरुवार को रणनीति बनाने के लिए बैठकों का दौर  जारी रहा । सबसे पहले बात सत्ता पक्ष की । बीजेपी ने अपने सांसदों को व्हिप जारी कर सदन में मौजूद रहने को कहा है । पार्टी का दावा है कि नंबर उसके पास है और विपक्ष के दावों में कोई दम नहीं है।

सरकार के सहयोगी दलों ने भी अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ वोट करने की बात कही है । इस बीच तमाम गैर एनडीए दलों ने भी अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन न करने का संकेत गिया है । एआईएडीएम की ओर से तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीसामी ने इशारों में ही साफ कर दिया कि उनकी पार्टी  प्रस्ताव को समर्थन नहीं देगी। उन्होंने कहा कि ये प्रस्ताव टीडीपी की ओर से आंध्र प्रदेश के हित से जुड़े मुद्दे को लेकर लाया गया है जबकि जब उनकी पार्टी ने कावेरी के मसले पर संसद में आवाज उठायी थी तो टीडीपी ने उनका साथ नहीं दिया । लोकसभा में अन्नाद्रमुक के 37 सांसद हैं और बीजेपी तथा कांग्रेस के बाद यह तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है। हालांकि टीडीपी में इस मसले पर खुद एकराय नहीं है । पार्टी के  एक सांसद ने कहा है कि वह  प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदन में उपस्थित नहीं रहेंगे। हालांकि टीडीपी ने व्हिप जारी कर अपने सभी सांसदों से शुक्रवार और सोमवार को सदन में उपस्थित रहने को कहा है।

सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतविभाजन से एक दिन पहले गुरुवार को कांग्रेस संसदीय दल की बैठक हुई जिसमें  लोकसभा में सरकार को घेरने और विपक्षी दलों में व्यापक सहमति बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई। पार्टी का कहना है कि कि चर्चा के दौरान सरकार की विभिन्न मोर्चों पर विफलताओं को उजागर करेगी ।

इस प्रस्ताव पर शुक्रवार को सात घंटे बहस होगी । सुबह 11 बजे से शुरु होकर शाम छह बजे के बीच सभी दलों के नेता बहस में हिस्सा लेंगे । इसके बाद पीएम मोदी चर्चा का जवाब देंगे ।  लोकसभा के मौजूदा आंकड़ों से भी जाहिर है कि सरकार को इस प्रस्ताव से कोई खतरा नहीं है । फिलहाल सदन में 534  निर्वाचित सदस्य हैं ऐसे में बहुमत का आंकडा 268 का बनता है । बीजेपी अकेले ही बहुमत के  आंकडे को पार कर रही है. अगर इसमें एनडीए के साझीदारों को शामिल कर लिया जाए तो यह संख्या काफी ऊपर हो जाती है.। आंकडों पर गौर करें तो –  लोकसभा में बीजेपी के पास 274 सांसद हैं. । एनडीए के सहयोगियों को जोडकर ये संख्या 315 होती है ।  सदन में कांग्रेस के 48, एआईएडीएमके के 37, टीएमसी के 34, बीजेडी के 19 ,  , टीडीपी के 16, टीआरएस के 11, सीपीएम के 9, समाजवादी पार्टी के 7,  आरजेडी के 4 आप के 4 सांसद हैं । इसके अलावा कुछ छोटी पार्टियों और निर्दलीय सांसद है ।  हालांकि इसमें से कुछ दल ऐसे हैं जो न तो एनडीए के साथ हैं और न यूपीए के ।  इन आंकडों के मुताबिक सरकार को नंबर गेम में किसी तरह की दिक्कत नही है । ऐसी हालत में ये प्रस्ताव केवल औपचारिकता भर ही माना जा रहा है ।

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