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ममता बनर्जी ने विपक्षी दलों को चिट्‌ठी लिखी,

ममता बनर्जी ने विपक्षी दलों को चिट्‌ठी लिखी, कहा- लोकतंत्र बचाने के लिए मिलकर लड़ने का वक्त आ गया

चिट्‌ठी में ममता ने लिखा है कि लोकतंत्र और संविधान विरोधी भाजपा के खिलाफ लड़ाई में सभी दलों को साथ आना होगा।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में दूसरे फेज की वोटिंग से पहले बड़ा दांव चला है। उन्होंने सभी BJP विरोधी दलों को चिट्‌ठी लिखकर एकजुट होने की अपील की है। चिट्‌ठी में ममता ने लिखा है कि मुझे लगता है कि अब वह समय आ गया है, जब हमें लोकतंत्र बचाने के लिए भाजपा के खिलाफ इकट्‌ठा हो जाना चाहिए।

जिन दलों को ममता ने चिट्‌ठी लिखी है, उनमें कांग्रेस (सोनिया गांधी), NCP (शरद पवार), DMK (एमके स्टालिन), RJD (तेजस्वी यादव), शिवसेना (उद्धव ठाकरे), आम आदमी पार्टी (अरविंद केजरीवाल), BJD (नवीन पटनायक) शामिल हैं।

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चुनाव से पहले ममता ने खेला था गोत्र कार्ड

इससे पहले मंगलवार को ममता बनर्जी ने गोत्र कार्ड खेला था। उन्होंने कहा था कि चुनाव प्रचार करते वक्त वह एक मंदिर गईं थीं। वहां पुजारी ने उनसे गोत्र पूछा। उन्होंने बताया कि मेरा गोत्र मां, माटी और मानुष है। इस घटना के बाद उन्हें त्रिपुरा के त्रिपुरेश्वरी मंदिर का वाकया याद आ गया। वहां भी पुजारी ने उनसे गोत्र पूछा था और उन्होंने यही जवाब दिया था। उन्होंने बताया कि मेरा असल गोत्र शांडिल्य है।

उधर, ममता के बयान पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पलटवार किया था। उन्होंने कहा था कि मैं गोत्र लिखता हूं, मुझे कभी बताने की जरूरत नहीं पड़ी। ममता बनर्जी चुनाव हारने के डर से गोत्र बता रही हैं। उन्होंने ममता से सवाल किया था कि आप मुझे बता दीजिए कि कहीं रोहिंग्या और घुसपैठियों का गोत्र भी शांडिल्य तो नहीं है।

नंदीग्राम में राष्ट्रगान के लिए खड़ी हुईं ममता

नंदीग्राम में प्रचार के आखिरी दिन ममता बनर्जी प्लास्टर बंधे पैर के साथ करीब 20 दिन बाद व्हीलचेयर से खड़ी हुईं। यहां के तेंगुआ में एक रैली के दौरान राष्ट्रगान की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान उनके सहयोगियों ने उन्हें खड़े होने का सुझाव दिया। पहले तो ममता ने खड़े होने में असहजता दिखाई, लेकिन बाद में कुछ लोगों के सपोर्ट से वह खड़ी हुईं और राष्ट्रगान गाया।

10 मार्च को नामांकन दाखिल करने के बाद उनके पैर में चोट लगी थी। ममता ने भाजपा के लोगों पर इसका आरोप लगाया था। 3 दिन इलाज के बाद अस्पताल से निकलकर वे व्हीलचेयर पर ही प्रचार के लिए निकल पड़ी थीं।

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