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कांग्रेस ने कहा- आईएनएस विराट पर राजीव छुट्टियां बिताने नहीं, बल्कि आधिकारिक यात्रा पर गए थे

मोदी का दावा- राजीव गांधी ने आईएनएस विराट का इस्तेमाल प्राइवेट टैक्सी की तरह किया
कांग्रेस ने पटलवार करते हुए कहा- मोदी ने वायुसेना के विमानों को चुनाव में टैक्सी बना लिया
रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर 1987 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी परिवार के साथ लक्षद्वीप गए थे, अमिताभ-जया भी साथ थे
लक्षद्वीप के पूर्व प्रशासक हबीबुल्ला और रिटायर्ड वाइस एडमिरल विनोद पसरिचा ने मोदी के दावे को खारिज किया
नई दिल्ली. राजीव गांधी के आईएनएस विराट पर छुट्टियां बिताने के दावे पर गुरुवार को कांग्रेस ने सफाई दी। पार्टी का कहना है कि नरेंद्र मोदी जिस दौरे की बात कर रहे हैं, वो पूर्व प्रधानमंत्री की आधिकारिक यात्रा थी। मोदी के पास जनता को बताने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए गांधी-नेहरू परिवार को लेकर झूठ फैला रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आजकल वायुसेना के जेट को अपनी टैक्सी बना लिया है। उनकी चुनावी यात्राओं में जेट विमानों के इस्तेमाल के लिए 744 रु से कम भुगतान हो रहा है। 1987-88 के दौरान वजाहत हबीबुल्लाह लक्षद्वीप के प्रशासक थे, जहां राजीव ने यात्रा की थी। उन्होंने भी कहा कि यह यात्रा आधिकारिक थी।
मोदी ने दिल्ली में कहा था- राजीव ने वॉरशिप का अपमान किया
बुधवार को दिल्ली की रैली में मोदी ने कहा था, ”कांग्रेस के नामदार परिवार ने आईएनएस विराट का निजी टैक्सी की तरह इस्तेमाल किया, उसका अपमान किया था। ये बात तब की है जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे। उन्होंने एक खास द्वीप में छुट्‌टी मनाने के लिए युद्धपोत का 10 दिन तक इस्तेमाल किया। द्वीप में सारी व्यवस्था का जिम्मा सरकार और नौसेना काे दिया गया था। इस दौरान उनके ससुरालवाले भी थे। कांग्रेस के इस नामदार परिवार ने जनपथ को भी दलालपथ बना दिया।”
मोदी अपनी नाकामियों के लिए राजीव को जिम्मेदार ठहरा रहे: कांग्रेस
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, ”मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री हैं, जो अपने भविष्य के लिए वोट मांग रहे हैं। पुलवामा में खुफिया एजेंसियां क्यों फेल हुई, क्या मोदी के पास जनता को ये बताने की हिम्मत है। नोटबंदी, जीएसटी के बाद राफेल सौदे में क्या हुआ। शायद वे इन सबकी जिम्मेदारी राजीव गांधी पर डालना चाहते हैं। राफेल के गोपनीय दस्तावेज चोरी हो गए, क्या इसके लिए राजीव गांधी जिम्मेदार हैं। मोदी ये भी कह सकते हैं कि राजीव ने उन्हें नोटबंदी करने के लिए कहा था। प्रधानमंत्री अपनी सारी नाकामियों के लिए कांग्रेस नेता को जिम्मेदार बता रहे हैं।”
लक्षद्वीप के विकास के लिए बैठक बुलाई थी: पूर्व प्रशासक
नेशनल हेराल्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, 1987-88 में राष्ट्रपति की ओर से लक्षद्वीप में प्रशासक नियुक्त किया जाता था। राजीव की यात्रा के वक्त वजाहत हबीबुल्ला इस पद पर थे। पूर्व नौकरशाह हबीबुल्ला ने कहा, ”मोदी झूठ बोल रहे हैं। यह राजीव गांधी की आधिकारिक यात्रा थी। कोई शक हो तो अमिताभ बच्चन से पूछ लें। मैंने बतौर प्रशासक द्वीप के विकास के लिए कावारती में बैठक बुलाई थी। पहले भी ऐसी मीटिंग 1986 में अंडमान और उसके बाद दिल्ली में हो चुकी थी। तब पूर्व प्रधानमंत्री ने लक्षद्वीप विकास समिति का उद्घाटन भी किया था।” ”नरसिम्हा राव समेत पूरी केबिनेट आने वाली थी। इसलिए आईएनएस विराट सुरक्षा में तैनात था। ऐसी बातों का कहीं जिक्र नहीं किया जाता है। सबसे अहम बात है कि राजीव का कोई दोस्त युद्धपोत पर नहीं गया। बैठक कई दिन चली। राजीव यहीं पर छुट्टियां मनाने के लिए रुक गए। इसके बाद उनके रिश्तेदार जैसे सोनिया गांधी की बहन और उनके पति, कुछ दोस्त भी आए। इनमें अमिताभ और जया बच्चन भी शामिल थीं, लेकिन इनमें से कोई कावारती नहीं गया।”
”सभी लोग हेलिकॉप्टर के जरिए कोच्चि से बनग्राम आए और एक गेस्ट हाउस में ठहरे थे। राजीव गांधी ने 1987 में पवनहंस हेलिकॉप्टर सेवा की शुरुआत की थी, जो लोगों को द्वीप तक लेकर आते थे। राजीव ने अपने परिवार-रिश्तेदारों और बाकी लोगों ने स्वयं भुगतान भी किया था।”
दूसरी ओर, रिटायर्ड वाइस एडमिरल विनोद पसरिचा ने एक चैनल से बातचीत में आईएनएस विराट और राजीव गांधी को लेकर किए जा रहे दावे को झूठा बताया।
अमिताभ का परिवार भी राजीव के साथ छुट्टी पर साथ था
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 1987 दिसंबर में लक्षद्वीप के सुदूर द्वीप बनग्राम में राजीव गांधी ने परिवार और मित्रों के साथ छुट्टियां मनाईं थीं। ये छुट्टियां तकरीबन 10 दिनों तक चलीं। तब सोनिया गांधी की मां, बहन-बहनोई और उनके बच्चे, अमिताभ बच्चन-जया बच्चन और बच्चों के अलावा भाई अजिताभ बच्चन की बेटी मौजूद थी। उस वक्त भी राजीव गांधी के आईएनएस विराट जैसे वॉरशिप का इस्तेमाल करने की आलोचना हुई थी।

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