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गढ़चिरौली में नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट किया, पुलिस के 15 कमांडो शहीद

हमला कुरखेड़ा से 6 किमी दूर कोरची मार्ग पर हुआ
जिस बस को निशाना बनाया गया, उसमें पुलिस की सी-60 फोर्स के कमांडो सवार थे
नक्सलियों ने इसी इलाके में रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी की 36 गाड़ियों में आग लगाई
नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली में 11 अप्रैल को 72% मतदान हुआ था
गढ़चिरौली. महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में मंगलवार को नक्सली हमले में पुलिस के 15 जवान शहीद हो गए। इससे पहले मंगलवार देर रात इसी इलाके में नक्सलियों ने रोड निर्माण में लगे 36 वाहनों को आग लगा दी थी। नक्सली हमला कुरखेड़ा से छह किमी दूर कोरची मार्ग पर हुआ। बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र पुलिस के जवान निजी बस से गढ़चिरौली की ओर जा रहे थे। यह इलाका महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर है।
शहीद जवान सी-60 फोर्स के कमांडो थे
शहीद हुए जवान पुलिस की सी-60 फोर्स के कमांडो थे। इस फोर्स में 60 जवान होते हैं। इसका गठन 1992 में गढ़चिरौली के तत्कालीन एसपी केपी रघुवंशी ने किया था। इस फोर्स के कमांडो नक्सल विरोधी अभियानों के लिए ही प्रशिक्षित किए जाते हैं। ये गुरिल्ला युद्ध में माहिर होते हैं। महाराष्ट्र के डीजीपी सुबोध जायसवाल ने कहा- हम इस हमले का माकूल जवाब देने के लिए तैयार हैं। प्रभावित इलाके में अभियान चलाया जा रहा है ताकि आगे और नुकसान ना हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना की कड़ी निंदा की है।

नक्सलियों ने 36 वाहन जलाए, 10 करोड़ के नुकसान की आशंका
जानकारी के मुताबिक, नक्सलियों ने कुरखेडा में मिक्सर मशीन, जनरेटर और टैंकरों समेत 36 वाहनों में आग लगाई। इसके साथ ही नक्सलियों ने कुरखेडा-कोरची मार्ग पर पेड़ काटकर रास्ता बंद कर दिया और बैनर-पोस्टर लगा दिए। बताया जा रहा है कि इस घटना में करीब 10 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
यहां 11 अप्रैल को हुआ चुनाव
नक्सली लोकसभा चुनाव का विरोध कर रहे हैं। हालांकि, नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के बावजूद लोकसभा चुनाव के पहले चरण के तहत 11 अप्रैल को गढ़चिरौली-चिमूर सीट के गढ़चिरौली में 72% वोटिंग हुई थी।
पिछले महीने छत्तीसगढ़ में भी ऐसा हमला हुआ था
नक्सलियों ने 9 अप्रैल को दंतेवाड़ा में आईईडी ब्लास्ट से हमला किया था। हमले में स्थानीय भाजपा विधायक भीमा मंडावी और उनके ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी सुरक्षा में तैनात चार जवान भी शहीद हो गए थे। हमला तब हुआ जब विधायक मंडावी चुनाव प्रचार कर लौट रहे थे।

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