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प्रियंका ने कहा- आपका वोट हथियार है, सही मुद्दा उठाएं और सोच-समझकर फैसला करें

अहमदाबाद/नईदिल्ली. कांग्रेस महासचिव बनने के बाद प्रियंका गांधी ने अपनी पहली जनसभा में लोगों से कहा कि आपका वोट आपका हथियार है, आप सही मुद्दे चुनें और सोच-समझकर फैसला लें। जनसभा में राहुल गांधी, सोनिया गांधी और मनहमोहन सिंह भी मौजूद थे। ये नेता अहमदाबाद में चल रही दो दिवसीय कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में हिस्सा लेने के बाद यहां पहुंचे। राहुल गांधी ने एक बार फिर राफेल डील और पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड मसूद अजहर को भाजपा सरकार के दौरान छोड़े जाने का मुद्दा उठाया। इस दौरान पाटीदार आरक्षण को लेकर आंदोलन से सुर्खियों में आए हार्दिक पटेल राहुल की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए।
आपकी फितरत नफरत की हवाओं को प्रेम में बदलेगी- प्रियंका
प्रियंका ने कहा- मैं साबरमती गई, जहां से महात्मा गांधी ने देश की आजादी के लिए संघर्ष शुरू किया था। मेरे दिल में ऐसी भावना जागी कि लगा आंसू आने वाले हैं। देशभक्तों के लिए सोचा, जिन्होंने इस देश के लिए जान दी और सब त्याग दिया। उनके बलिदानों पर इस देश की नींव पड़ी है। यह देश प्रेम, सद्भावना और आपसी प्यार के आधार पर बना है।
“जहां से गांधीजी ने प्रेम, अहिंसा और सद्भावना की आवाज उठाई थी, मैं सोचती हूं कि यहीं से आवाज उठनी चाहिए। जो आपकी फितरत की बात करते हैं, उन्हें बताइए कि आपकी फितरत क्या है। इस देश की फितरत है कि नफरत की हवाओं को प्रेम और करुणा में बदलेगी, जर्रे-जर्रे से सच्चाई को निकालेगी।”
उन्होंने कहा, “आज जो कुछ देश में हो रहा है, उससे दुख होता है। इससे बड़ी कोई देशभक्ति नहीं है कि आप जागरुक बनें, आपकी जागरुकता एक हथियार है, आपका वोट एक हथियार है। ये ऐसा हथियार है, जिससे किसी को चोट, दुख और नुकसान नहीं पहुंचाना है। ये ऐसा हथियार है जो आपको मजबूत बनाएगा। ये चुनाव क्या है, आप क्या चुनने जा रहे हैं। आप अपना भविष्य चुनने जा रहे हैं।”
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि फिजूल के मुद्दे नहीं उठने चाहिए, मुद्दा वो होना चाहिए जो आपको आगे बढ़ाए। महिलाएं, युवाओं, किसानों के लिए क्या किया जाएगा। आपकी जागरूकता ही इन मुद्दों को आगे लाएगी। सोच-समझकर इस बार आप निर्णय लें।
“जो आपके सामने बड़ी-बड़ी बातें और वादे करते हैं, उनसे पूछिए कि जो 2 करोड़ रोजगार का वचन दिया था, वो कहां है। जो 15 लाख खाते में आने थे, वो कहां गए। जिन महिलाओं की सुरक्षा की बात करते थे, उन महिलाओं से किसने पूछा इन 5 सालों में। सही सवाल करिए, तमाम मुद्दे उछाले जाएंगे, लेकिन आपकी जागरुकता ही देश को बनाएगी।”
राहुल ने फिर लगवाया “चौकीदार चोर है का नारा’
राहुल गांधी ने जनसभा में एक बार फिर चौकीदार चोर है का नारा लगवाया। उन्होंने कहा कि चौकीदार कहो, उससे आगे कहने की जरूरत नहीं पड़ती है। नरेंद्र मोदी ने अनिल अंबानी को 30 हजार करोड़ दिए। अनिल अंबानी कागज का हवाई जहाज भी नहीं बना सकते हैं। राफेल पर जांच होनी थी तो सीबीआई चीफ को हटा दिया गया।
राहुल गांधी ने जनसभा में कहा- कई साल बाद यह मीटिंग गुजरात में हुई। ये मीटिंग यहां इसलिए हुई, क्योंकि हिंदुस्तान में दो विचार धाराओं की लड़ाई है और दोनों विचारधाराएं गुजरात में मिलेंगी। एक तरफ महात्मा गांधी, जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी देश को बनाने में लगा दी। अगर ये देश बना है तो महात्मा गांधी और गुजरात ने इसे बनाया है। दूसरी तरफ, कुछ शक्तियां इस देश को कमजोर करने में लगीं हुई हैं।
उन्होंने कहा- आप देखिए इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के चार जज प्रेस के पास जाते हैं और कहते हैं कि हमें काम नहीं करने दिया जा रहा। फिर वे जज लोहियाजी का नाम लेते हैं। आज के हिंदुस्तान में जज जनता से न्याय मांगते हैं। जहां पर आप देख लें, संस्थाओं पर आक्रमण जारी है और लोगों को बांटा जा रहा है। सच्चे मुद्दे पर बात नहीं की जा रही है। हिंदुस्तान में 45 सालों से ज्यादा बेरोजगारी है। मोदी मेक इन इंडिया की बात करते हैं, लेकिन आज युवा रोजगार ढूंढ रहा है।
इससे पहले सीडब्ल्यूसी की अहमदाबाद में हुई बैठक में राहुल ने कहा, ”कांग्रेस की कार्यसमिति की बैठक में प्रण लिया गया कि भाजपा-संघ की क्रोध, नफरत फैलाने और बंटवारे वाली विचारधारा को हराएंगे। इस प्रयास में कोई भी बलिदान महान नहीं है, न कोई प्रयास छोटा है। हम इस लड़ाई को जीतेंगे।” राजनीति में सक्रिय होने के बाद गुजरात में कांग्रेस महासचिव प्रियंका पहली बार सार्वजनिक रैली को संबोधित कर सकती हैं।
लोकसभा की रणनीति पर मंथन
11 अप्रैल से लोकसभा चुनाव का पहला चरण शुरू हो जाएगा। सीडब्ल्यूसी की बैठक में राहुल गांधी, सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेता चुनाव के महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श कर रणनीति तैयार कर रहे हैं। बैठक में कृषि, आर्थिक संकट, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा के मुद्दों पर नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार को हटाने के मुद्दे पर चर्चा की गई।
1961 में भावनगर में हुई थी कार्यसमिति की बैठक
गुजरात में कार्यसमिति की बैठक 58 साल बाद हो रही है। इससे पहले 1961 में भावनगर में हुई थी। बैठक से पहले साबरमती आश्रम में प्रार्थना सभा भी रखी गई थी। 12 मार्च 1930 को साबरमती आश्रम से महात्मा गांधी ने ब्रिटिश सरकार का नमक कानून तोड़ने के लिए ऐतिहासिक दांडी यात्रा शुरू की थी।

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