National/International

छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स में मनोनीत पदाधिकारियों का विरोध,थोक में की गई थी उपाध्यक्ष और मंत्रियों की नियुक्ति

समय दर्शन:-  चैंबर ऑफ कॉमर्स में थोक में हुए उपाध्यक्ष और मंत्रियों की नियुक्तियों का विरोध शुरू हो गया है। जीते हुए उपाध्यक्ष और मंत्रियों ने मनोनीत नियुक्तियों का विरोध किया है।  चैंबर ऑफ कॉमर्स की त्रैमासिक चुनाव के बाद थोक में उपाध्यक्ष और मंत्रियों की नियुक्तियां की गई है। उपाध्यक्ष और मंत्री सहित लगभग 200 पदाधिकारी बनाए गए हैं। इस संबंध में चैंबर अध्यक्ष जितेंद्र बरलोटा ने कहा है कि चैंबर में ऐसे मामलों को सुलझाने के लिए हमने संविधान संशोधन के प्रस्ताव को लेकर एक समिति गठित की है। समिति के सुझावों को कार्यकारिणी की बैठक में रखा जाएगा। सामान्य सभा में इस पर चर्चा कर इसे पारित कराया जाएगा।

चैंबर के उपाध्यक्ष भरत बजाज व वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र जग्गी ने थोक के भाव में उपाध्यक्ष व मंत्रियों की नियुक्तियों का विरोध किया है। चैंबर ने इन मनोनीत पदाधिकारियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किया है, जिसमें उनके पद का जिक्र किया गया है। ऐसे में उन पदाधिकारियों में आक्रोश व्याप्त है, जो कि निर्वाचित होकर चैंबर में उपाध्यक्ष या मंत्री बने हैं।

चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष जितेंद्र बरलोटा ने बताया कि चैंबर चुनाव के बाद 31 दिसंबर 2017 को रजिस्ट्रार एवं फर्म सोसायटी को सौंपे दस्तावेज में मनोनीत पदाधिकारियों के नाम शामिल नहीं किए गए हैं। चैंबर में ऐसे विवादों के निपटाने के लिए हमने एक समिति का गठन किया है, ताकि किसी भी चैंबर अध्यक्ष के सामने ऐसी विवाद की स्थिति उत्पन्न ना हो।

छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज में उपाध्यक्ष और मंत्री सहित 200 ऐसे पदाधिकारी हैं, जिन्हें चैंबर संविधान के तहत नीतिगत मामलों में कोई अधिकार नहीं है। चैंबर संविधान के मुताबिक यह अधिकार जीते हुए पदाधिकारी ही अधिकार रखते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *