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इसरो ने जारी किया अंतरिक्ष में भारतीयों को भेजने का खाका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वादे को ध्यान में रखते हुए इसरो ने अंतरिक्ष में भारतीयों को भेजने का खाका तैयार कर लिया है. इसरो के अध्यक्ष डॉ के शिवन ने कहा है कि तीन अंतरिक्ष यात्री 5-7 दिन तक अंतरिक्ष में रहेंगे. उन्होंने कहा कि गगनयान प्रोजेक्ट 40 महीनों में पूरा हो जाएगा और 10 हजार करोड़ से कम की लागत में इसरो इस मिशन को पूरा करेगा.

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम गगनयान की घोषणा की थी. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो ने 2022 तक मानवयुक्त अंतरिक्षयान को प्रक्षेपित करने का खाका तैयार कर लिया है. इसरो ने कहा है कि जीएसएलवी मार्क-3 प्रक्षेपण यान के जरिए तीन अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा.

अंतरिक्ष यान को 300 से 400 किलोमीटर की निम्न भू-कक्षा में स्थापित किया जाएगा और अपनी कक्षा तक पहुंचने में यान को महज 16 मिनट लगेंगे. यान 5-7 दिनों तक अपनी कक्षा में रहेगा और इस दौरान अंतरिक्ष यात्री माइक्रोग्रैविटी से जुड़े प्रयोग करेंगे.

गगनयान मिशन की कुल लागत 10 हजार करोड़ रुपये से भी कम होगी जो अन्य देशों के मानवयुक्त अंतरिक्ष कार्यक्रमों के मुकाबले बेहद कम है. साथ ही इस मिशन से 15 हजार लोगों को रोजगार भी मिलेगा. गगनयान मिशन की सफलता से भारत मानव को अंतरिक्ष में पहुंचाने वाला चौथा देश बन जाएगा. अब तक केवल अमेरिका, रूस और चीन ने ही मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान मिशनों को प्रक्षेपित करने में सफलता पाई है. इस बीच इसरो ने अगले साल 3 जनवरी से 16 फरवरी के बीच चंद्रयान-2 को प्रक्षेपित करने का लक्ष्य रखा है.

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