National/International

ब्रिक्स में चौथी औद्योगिक क्रांति पर जोर

ब्रिक्स देशों की बैठक में पीएम मोदी ने चौथी औद्योगिक क्रांति पर दिया जोर, कहा इसके लिये ब्रिक्स देशों के साथ मिलकर काम करना चाहता है भारत, स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में बदलाव कर भविष्य के लिए युवाओं को तैयार करने की बतायी जरुरत, संयुक्त घोषणापत्र में आतंकवाद के हर रुप की निंदा.

डिजिटल तकनीक और नवोन्मेष के जरिए चौथी औद्योगिक क्रांति को सफल बनाने की रणनीति को ब्रिक्स के सदस्य देशों ने 10वें शिखर सम्मेलन के दौरान जोर-शोर से उठाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इसकी वकालत करते हुए कहा कि चौथी औद्योगिक क्रांति में पूंजी से ज्यादा महत्व प्रतिभा का होगा। उन्होंने कहा कि कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा एक साथ उपलब्ध होनी चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि औद्योगिक उत्पादन, डिजाइन, और विनिर्माण में मौलिक बदलाव आएंगे। डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑटोमेशन, और डेटा-फ्लो से भौगोलिक दूरियों का महत्व कम हो जाएगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म, ई-कॉमर्स और बाजार जब ऐसी तकनीक से जुड़ेंगे, तो एक नए प्रकार के उद्योग और व्यापारिक नेता सामने आएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कौशल विकास पर जोर दिए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि तकनीक से वंचितों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसी भी विकास प्रक्रिया का केंद्र मानवीय मूल्य होने चाहिए। उन्होंने कहा कि तकनीक से वंचितों को सबसे ज्यादा फायदा होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज के समय में प्रौद्योगिकी सबसे बड़ा disruptor बन चुकी है। उद्योग 4.0 के परिणामों की कल्पना करना भी मुश्किल है। इस प्रकार की बाधा से वैश्विकरण और  प्रवास को बेहतर बहुस्तरीय समन्वय और सहयोग के जरिए मैनेज करना होगा। उन्होंने कहा कि  खास तौर पर असंगठित क्षेत्र मेंr में कुशल, मध्यम रुप से कुशल और अकुशल सभी कामगारों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना और भी महत्वपूर्ण हो जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि साइबर सिक्योरिटी की चुनौतियों से और उनसे निपटने के लिए एकजुट हो कर काम करने के महत्त्व से हम सब भली भांति परिचित हैं। उद्योग 4.0 इन चुनौतियों और ज़रूरतों को और भी बढ़ा देगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत चौथी औद्योगिक क्रांति के विषयपर BRICS देशों के साथ मिलकर काम करना चाहता है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में हमें मिलकर अच्छी प्रणाली और नीतियां साझा करनी चाहिए।

प्रधानमंत्री ने आजकल हो रहे और भविष्य में होने वाले तकनीकी परिवर्तनों का BRICS देशों और पूरी दुनिया के लिए महत्त्व को ध्यान में रखते हुए विस्तार से विचार करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इस पर जरूरत के मुताबिक विशेषज्ञों की मदद भी ली जा सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *