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एससीओ सम्मेलन में भाग लेने के बाद पीएम स्वदेश लौटे

चीन के चिंग दाओ में एससीओ शिखर सम्मेलन में शिरकत करने के बाद प्रधानमंत्री स्वदेश लौट आए हैं।पीएम ने क्षेत्रीय संपर्क पर ज़ोर दिया और कहा, पड़ोसी देशों और एससीओ क्षेत्र के बीच संपर्क को बढ़ावा देना है प्राथमिकता।

चीन के चिंग दाओ में एससीओ शिखर सम्मेलन में शिरकत करने के बाद प्रधानमंत्री स्वदेश लौट आए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन देशों के बीच पर्यटन बढ़ाने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों में केवल छह प्रतिशत पर्यटक एससीओ देशों से आते हैं और इस संख्या को आसानी से दोगुना किया जा सकता है। एससीओ देशों के बीच पर्यटन,अतिवाद के ख़िलाफ़ क़दम और कौशल विकास से लेकर सांस्कृतिक संबंधों के आदान-प्रदान सहित 22 अलग-अलग मसौदों पर सहमति बनीं।

शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के औपचारिक कार्यक्रम के तहत ली गईं ये तस्वीरे एशिया की दो बड़ी आर्थिक शक्तियों के मिलन की हैं। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिवादन बड़े ही गर्मजोशी के साथ किया। मौका भी ख़ास था क्योंकि भारत पहली बार एससीओ के शिखर सम्मेलन में सदस्य के रूप में हिस्सा ले रहा है। तमाम औपचारिकताओं के बीच सम्मेलन के पूर्ण सत्र को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए उन्होंने एक नया मंत्र भी दिया, जिसे उन्होंने SECURE नाम दिया।

एससीओ देशों के बीच संपर्क को बढ़ावा दिए जाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि SCO क्षेत्र में कनेक्टिविटी भारत की प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि शिखर सम्मेलन के 25 साल पूरा होने के मौके पर हमे अपने लक्ष्य को तय करना चाहिए जिसे तयशुदा समय में पूरा किया जाना चाहिए।

एससीओ के पूर्ण सत्र को अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। रूस के राष्ट्रति व्लादीमीर पुतिन ने इस बार के एससीओ शिखर सम्मेलन को काफी अहम बताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय शांति और एकता के लिए ऐसे संगठन का होना बेहद जरूरी है। वहीं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सदस्य देशों के बीच एकता को मजबूत करने और आपसी विश्वास को बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय सहयोग के मामले में एससीओ एक बेहतरीन मॉडल के तौर पर उभरा है और क्षेत्र की शांति और विकास के लिए अपना योगदान दे रहा है।

शंघाई सहयोग संगठन के 18वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने आए सदस्य देशों ने क्षेत्र में शांति, विकास और सुरक्षा को कायम करने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एससीओ सदस्य देशों के बीच तालमेल को बढ़ाने और विकास में आपसी भागीदारी को तय करने की बात कही जिसका समर्थन सभी देशों ने किया। गौरतलब है कि एससीओ का उद्देश्य सीमा विवादों का हल, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, क्षेत्रीय सुरक्षा को बढ़ाना और मध्य एशिया में बढ़ते बाहरी प्रभाव को कम करना है।

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