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रमज़ान के पहले दिन पाक का संघर्षविराम उल्लंघन

जम्मू कश्मीर में रमज़ान के पहले ही दिन पाकिस्तान ने कल किया संघर्षविराम का उल्लंघन। सांबा और कठुआ सेक्टरों में अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट सीमा चौकियों और रिहायशी इलाकों पर गोलीबारी। अरनिया और आरएस पुरा सेक्टर में भी आज सुबह की गोलीबारी। बीएसएफ ने पाकिस्तानी सेना को दिया मुहंतोड़ जवाब।

केन्द्र सरकार ने बुधवार को रमज़ान के महीने में कश्मीर में सैनिक अभियान पर रोक लगाने का ऐलान किया था। हालांकि सरकार ने साफ कर दिया था कि यदि दूसरी तरफ से हमला होता है तो सेना को काउंटर गोलीबारी करने का पूरा अधिकार है। लेकिन सरकार की इस अच्छी पहल का पाकिस्तान और आतंकवादियों पर कोई असर नहीं हुआ है। रमजान का महीना शुरू होते ही पाकिस्तान ने कल संघर्षविराम उल्लंघन करते हुए सांबा और कठुआ में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर भारी गोलीबारी की। अरनिया और आरएस पुरा सेक्टर में भी आज सुबह पाकिस्तान की तरफ से गोलीबारी की गई। बीएसएफ ने पाकिस्तानी सेना को मुहंतोड़ जवाब दिया। अरनिया में गोलीबारी में बीएसएफ के एक जवान के शहीद होने की खबर है।

केंद्र सरकार की ओर से जम्मू कश्मीर में रमजान के महीने में सैनिक अभियान पर रोक लगाने का पाकिस्तान और आतंकवादियों  पर असर नहीं हो रहा है । भारत सरकार की घोषणा के अगले दिन ही रमजान के पाक महीने की शुरुआत ही पाकिस्तान ने गोलीबारी से की । रमजान के पहले ही दिन सीजफायर का उल्लघंन करते हुए जम्मू – कश्मीर के सांबा और कठुआ जिलों में अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट पाकिस्तानी रेंजरों ने रातभर 15 सीमा चौकियों और कुछ रिहायशी इलाकों पर गोलीबारी की और मोर्टार दागे। इसमें बीएसएफ का एक जवान घायल हो गया। सीमा पर तैनात बीएसएफ के जवानों ने जवाबी गोलीबारी की। इस गोलीबारी से सीमा पर रहने वाले निवासी परेशान हैं और उनका कहना है कि पाक का नापाक चेहरा फिर सामने आ गया है ।

सीमावर्ती जिले के प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा के लिए तैयारियां की हैं । लोगों को गोलीबारी के दौरान निकालने के लिए बंकर वाहन तैयार रखे गए हैं । गौरतलब है कि सांबा सेक्टर में 15 मई को पाकिस्तानी जवानों ने संघर्षविराम का उल्लंघन कर सीमा चौकियों पर गोलीबारी की थी। उनका उद्देश्य सीमापार से घुसपैठ करवाने में मदद देना था। उस गोलीबारी में बीएसएफ का 28 वर्षीय एक जवान शहीद हो गया था । जवानो ने रविवार से अबतक घुसपैठ के चार प्रयासों को विफल कर दिया है । इस बीच जम्मू कश्मीर पुलिस ने आतंकवादियों से हिंसा का रास्ता छोडने की अपील की है । राज्य के पुलिस प्रमुख ने टवीट में कहा –

रमजान के दौरान केंद्र सरकार की ताजा पहल का लाभ उठाते हुए स्थानीय आतंकवादियों के परिवारों को अपने बच्चों से हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति के रास्ते पर चलने के लिए कहना चाहिए । गौरतलब है कि रमजान के महीने की शुरुआत से ठीक पहले केंद्र सरकार ने घाटी में सुरक्षाबलों को रमजान के दौरान कोई नया ऑपरेशन शुरू ना करने के निर्देश दिए थे । हालांकि केंद्र ने किसी आतंकी हमले की स्थिति में सुरक्षाबलों को आतंक के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने की छूट भी दी है । लेकिन लश्कर ए तैय्यबा ने इसे न मानने की बात कही है ।

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