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राष्ट्रपति ने प्रदान किए 65वें राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार

फिल्म जगत के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार यानी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार गुरुवार को प्रदान किये गये. इस बार क्षेत्रीय सिनेमा की धूम देखने को मिली साथ ही फिल्म जगत की कई दिग्गज हस्तियों को उनके योगदान के लिये सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति ने कहा देश को वैश्विक फिल्म हब बनाने के लिए सरकार ने उठाए हैं तमाम कदम।

 

गुरुवार को राजधानी दिल्ली में 65वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किए गए। सिनेमा के क्षेत्र में उत्कृष्ठ योगदान के लिए हर साल ये पुरस्कार दिए जाते हैं। विभिन्न श्रेणियों में दिए गए पुरस्कारों में इस बार सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार असमिया फिल्म विलेज रॉकस्टार को दिया गया। प्रतिष्ठित दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से दिवंगत अभिनेता विनोद खन्ना को सम्मानित किया गया।

सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार श्रीदेवी को मरणोपरांत फिल्म मॉम के लिए दिया गया। वहीं सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए रिद्धि सेन को बंगाली फिल्म नगर कीर्तन के लिए इस पुरस्कार से नवाजा गया। फिल्म न्यूटन को सर्वश्रेष्ठ हिन्दी फिल्म चुना गया और इस फिल्म के लिए पंकज त्रिपाठी को विशेष उल्लेख का पुरस्कार दिया गया।

प्रसिद्ध संगीतकार ए. आर. रहमान को इस बार दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किए गए। निर्देशक जयराज को फिल्म भयानकम के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। बहुचर्चित फिल्म बाहुबली-2 को बेस्ट पॉपुलर फिल्म का पुरस्कार दिया गया। फिल्म पुरस्कारों में इस बार क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों का बोलबाला रहा है। इस बार इन पुरस्कृत फिल्मों से अब ये निश्चित हो चला है कि दर्शकों और सिनेमा के रिश्ते को और ज्यादा मजबूत बनाने में भाषा भी आड़े नहीं आ सकती।

इस मौके पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि सिनेमा समाज को जोड़ने का काम करता है। राष्ट्रपति ने फिल्म जगत की दो दिवंगत हस्तियों श्रीदेवी और विनोद खन्ना का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने सर्वश्रेष्ठ महिला कलाकार का पुरस्कार जीतने वाली श्रीदेवी और फिल्मी दुनिया में असाधारण योगदान के लिए लाइफ टाइम पुरस्कार से सम्मानित विनोद खन्ना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन कलाकारों को हमेशा याद किया जाएगा।

उन्होने कहा कि “इन कलाकारों का निधन लाखों प्रशंसकों के लिए व्यक्तिगत नुकसान जैसा था। इन कलाकारों ने अपने अभिनय से लोगों के दिलों पर राज किया था और उनके प्रशंसक पूरे देश में फैले थे। भारत की फिल्में मनोरंजन के साथ साथ शिक्षा भी प्रदान करती हैं। हमारी फिल्में न केवल देश की विविधता को उजागर करती हैं बल्कि इसे समृद्ध भी बनाती हैं। उन्होंने कहा कि फिल्में सामाजिक समस्याओं को भी उजागर करती हैं तथा इनके समाधान का रास्ता भी सुझाती हैं। उन्होंने दूर दराज, की क्षेत्रीय भाषाओं में फिल्म निर्माण की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि भारतीय फिल्म उद्योग को अभी नई ऊचाइयां हासिल करनी हैं। उन्होंने एक फिल्मी डॉयलाग के जरिए कहा कि ‘पिक्चर अभी बाकी है।”

केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 21 से ज्यादा महिलाओं को सम्मान करते हुए गर्व का एहसास हो रहा है. उम्मीद की जानी चाहिए कि फिल्मों के जरिए लोगों का ना सिर्फ मनोरंजन होगा बल्कि समाज को एकसूत्र में पिरोने के अहम काम को भी फिल्में यूं हीं अपनी भूमिका अदा करता रहेगा।

दिवंगत श्रीदेवी की ओर से उनके पति बोनी कपूर और बेटियों जाह्नवी व खुशी ने पुरस्कार ग्रहण किया। दिवंगत विनोद खन्ना के पुत्र अक्षय खन्ना ने अपने  पिता की ओर से लाइफ टाइम पुरस्कार ग्रहण किया।

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