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कैबिनेट के अहम फैसले

बुधवार को पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति और केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में एक के बाद एक तमाम फैसले लिए गए जिनमें किसानों के कल्याण, बुनियादी ढांचे के विकास, स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती और अल्पसंख्यक कल्याण के लिए अहम कदम शामिल हैं।

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए कृतसंकल्प है। इसी को ध्यान में रखते हुए किसानों को तमाम योजनाओं का एक साथ लाभ दिलाने के लिए शुरु की गयी हरित क्रांति कृषोन्नति योजना को 12वीं पंचवर्षीय योजना से आगे यानी 2017-18 से 2019-20 तक जारी रखने को मंजूरी दी गयी है। इसके लिए केंद्र सरकार  33 हजार 269 करोड़ रूपये खर्च करेगी।

इसके तहत किसानों से जुडी 11 योजनाओं एक साथ चलती है। जिनका उद्देश्‍य समग्र और वैज्ञानिक तरीके से उत्‍पादन और उत्‍पादकता बढ़ाकर तथा उत्‍पाद पर बेहतर लाभ सुनिश्‍चत करके किसानों की आय बढ़ाना है। इन योजनाओं में बागबानी के एकीकृ‍त विकास के लिए मिशन, तिलहन और तेल पाम पर राष्‍ट्रीय मिशन, सतत कृषि के लिए राष्‍ट्रीय मिशन, कृषि विस्‍तार पर उप मिशन, बीज तथा पौध रोपण सामग्री पर उप मिशन, कृषि मशीनीकरण पर उपमिशन, पौध संरक्षण और पौधों के अलगाव पर उपमिशन, कृषि गणना, अर्थव्‍यवस्‍थाएं तथा सांख्यिकी पर एकीकृत योजना, कृषि सहयोग पर एकीकृत योजना, कृषि विपणन पर एकीकृत योजना  और राष्‍ट्रीय ई-गवर्नेंस शामिल हैं।

इसके अलावा सरकार ने गन्ना किसानों के लिए बड़ा एलान किया है। सरकार ने किसानों को गन्ने की पिराई के लिए साढे पांच रुपए प्रति क्विंटल की दर से सीधी सब्सिडी देने की मंजूरी दे दी है। ये पैसा सीधे किसानों को दिया जाएगा।

कैबिनेट ने प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना की अवधि को 12वीं पंचवर्षीय योजना से बढ़ाकर 2019..20 तक कर दिया है। इसके लिये 14,832 करोड़ रूपये का वित्तीय आवंटन निर्धारित किया है। इस योजना के तहत 20 नये एम्स का निर्माण और 73 सरकारी मेडिकल कालेजों का अपग्रेडेशन भी किया जा रहा है।  नये एम्स की स्थापना से न केवल स्वास्थ्य शिक्षा में बदलाव लाया जा सकता है बल्कि क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा से जुड़े पेशेवरों की कमी से भी निपटा जा सकेगा। विभिन्न राज्यों में नये एम्स स्थापित होने से करीब 3000 से ज्यादा लोगों को रोजगार प्राप्त हो सकेगा। साथ ही दिल्ली के नजफगढ में 95 करोड की कीमत से 100 बेड का अस्पताल बनाया जाएगा।

अल्पसंख्यक समाज के कल्याण के लिए सरकार ने बहुक्षेत्रीय विकास कार्यक्रम को प्रधानमंत्री जनविकास कार्यक्रम के रूप में नामकरण करने और पुनर्गठन की मंजूरी दे दी है। सरकार ने इसे 14वें वित्‍त आयोग की शेष अवधि के दौरान जारी रखने को भी मंजूरी दे दी है। इस कार्यक्रम से अल्‍पसंख्‍यक समुदायों को विशेष रूप से शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य और कौशल विकास के क्षेत्र में बेहतर सामाजिक-आर्थिक संरचना सुविधाएं उपलब्‍ध कराएगा। कार्यक्रम के नियमों को लचीला बनाया गया है। पहले केवल उन शहरों को अल्‍पसंख्‍यक सघनता वाला माना जाता था, जो बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक आर्थिक मानकों में पिछड़े थे। अब दोनों में से कोई एकमानक वाले शहर अल्‍पसंख्‍यक सघनता वाले शहर माने गए हैं  पहले गांवों के वैसे क्लस्‍टर सघनता वाले मानते जाते थे, जिनमें अल्‍पसंख्‍यक समुदाय की कम से कम आबादी 50 प्रतिशत हो, लेकिन अब जनसंख्‍या मानक को घटा कर 25 प्रतिशत कर दिया गया है।  पुरानी योजना में देश के 196 जिले कवर किये गये थे, जबकिपीएमजेवीके में देश के 308 जिले कवर किये जाएंगे।

देश में एविएशन सेक्टर को औऱ ज्यादा बढ़ावा देने के लिए भी मंत्रिमंडल ने बड़े ऐलान किए हैं। लखनऊ, गुवाहाटी और चेन्नई में एयरपोर्ट के आधारभूत ढ़ांचे को मजबूत करने औऱ नई सुविधाएं स्थापित करने के मकसद से कैबिनेट ने 5000 करोड़ रुपए खर्च करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। ये सभी भवन पर्यावरण अनुकूल ग्रीन बिल्डिंग भी होंगे। ये काम नभनिर्माण योजना के तहत किए जा रहे हैं जिसका मकसद अगले 10 सालों में सालाना करीब एक अरब हवाई उ़डानें संचालित करना है । उड्डयन क्षेत्र तक आम लोगों की पहुंच के लिए उडान के बाद ये दूसरी अहम योजना है।

कैबिनेट से बुजुर्गों के लिए भी अच्छी खबर आई है। प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के अंतर्गत अब वरिष्ठ नागरिक साढ़े सात लाख के बजाए 15 लाख रुपए तक का निवेश कर सकते हैं। इसके लिए समय सीमा को भी मार्च 2020 तक बढ़ा दिया गया है। इसके जरिए बुजुर्गों को अपने निवेश पर 10000 रुपए महीने  तक का पेंशन मिल सकता है। एलआईसी के जरिए चलाई जा रही इस  योजना के अंतर्गत  वरिष्ठ नागरिकों को  10 साल तक अपने निवेश पर पर 8 फीसदी का तय रिटर्न मिलेगा।

कुल मिलाकर सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए कृतसंकल्प है और उसी के मुताबिक तमाम फैसले ले रही है ।

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