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रधानमंत्री बुद्ध जयंती समारोह में होंगे शामिल

बुद्ध पूर्णिमा आज। राष्ट्रपति औऱ प्रधानमंत्री ने दी देशवासियों को इस मौके पर शुभकामनाएं। प्रधानमंत्री आज राजधानी दिल्ली में बुद्ध जयंती समारोह में लेंगे भाग।

आज बुद्ध पूर्णिमा है। वैशाख मास की पूर्णिमा को बुद्ध जयंती मनाई जाती है। मान्यताओं के अनुसार इस दिन से तीन अहम बातें  जुड़ी हुई हैं। इस दिन ही भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था। आज ही के दिन बोधगया में पीपल के वृक्ष के नीचे उन्हें बुद्धत्व की प्राप्ति हुई थी और वैशाख पूर्णिमा के दिन ही भगवान बुद्ध ने कुशीनगर में महानिर्वाण की ओर प्रस्थान किया था।  आज के दिन दान-पुण्य और धर्म-कर्म के अनेक कार्य किए जाते हैं।  राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने इस मौके पर देशवासियों को शुभकामनाए दी है।

नेपाल के विभिन्न हिस्सों में भी आज बुद्ध जयंती मनाई जा रही है। गौतम बुद्ध के जन्म स्थान लुंबिनी में स्थित विश्व प्रसिद्ध माया देवी मंदिर में सैकडों लोग प्रार्थना कर रहे हैं। पेश है हमारे संवाददाता राजकुमार की यह रिपोर्ट।
लुंबिनी बौद्ध धर्म के सबसे महत्वपूर्ण तीर्थस्थानों में से एक है। महारानी माया देवी ने 563 ईसा पूर्व मे सिद्धार्थ गौतम को लुंबिनी में ही जन्म दिया था। विश्व प्रसिद्ध माया देवी मंदिर उसी जगह पर स्थित है जहां गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था। मंदिर में जन्म शिला, बुद्ध के जन्म को दर्शाने वाली मूर्ति और ईसा पूर्व छठी शताब्दी से लेकर 15 वीं शताब्दी के मंदिरों के अवशेष हैं। हर साल दुनियाभर से हजारों तीर्थयात्री और पर्यटक यूनेस्को की विश्व धरोहरों में शामिल इस मंदिर को देखने आते हैं।

मंदिर के नज़दीक ही पुषकरणी सरोवर है। माना जाता है कि माया देवी ने बुद्ध को जन्म देने से पहले इसमे डुबकी लगाई थी। बुद्ध ने भी अपना पहला स्नान इसी पवित्र सरोवर में किया था। सम्राट अशोक 249 ईसा पूर्व में लुंबिनी आए थे और उनकी इस यात्रा के प्रतीक के रूप में एक स्तंभ लगाया गया था। बलुआ पत्थर और अवसादी शैल से बना यह स्तंभ शाक्यमुनी बुद्ध के जन्म से जुडा पहला पुरालेख प्रमाण है। मंदिर के पास ही ईसा पूर्व पहली शताब्दी से 5 वीं शताब्दी के बीच कुषाण से लेकर गुप्त काल के बीच बने कई स्तूप भी हैं।

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