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इराक में 39 भारतीयों की मौत पर देश में शोक की लहर

इराक में इस्लामिक स्टेट द्वारा मारे गए सभी 39 भारतीयों के परिजनों और देश भर में शोक की लहर। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने इराक में भारतीयों की मौत पर जताया शोक। संयुक्त राष्ट्र ने भी आईएस के इस कृत्य को बर्बरता और क्रूर करार देते हुए की कड़ी निंदा।

इराक के मौसुल में लापता हुए 40 भारतीयों में से 39 की मौत हो चुकी है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंगलवार को संसद के साथ-साथ देश को यह जानकारी दी. विदेश मंत्री ने बताया कि 39 में से 38 भारतीयों के शवों के डीएनए सैंपल का मिलान हो गया है. विदेश मंत्री ने साफ कहा कि सरकार ने पुख़्ता जानकारी मिलने और ख़बर की पुष्टि करने के बाद ही यह जानकारी देश के साथ साझा की है. इन भारतीयों को आतंकी संगठन आईएसआईएस ने मारा है. सुषमा स्वराज ने बताया कि विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह इन भारतीयों का शव लाने के लिए इराक जाएंगे.

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज राज्यसभा में जब बोलने के लिए खड़ी हुईं, तो उनके पास एक एक ऐसी ख़बर थी जिसने पूरे देश को सन्न कर दिया. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बताया कि इराक के मोसुल में लापता हुए 40 भारतीयों में से 39 मारे गए हैं. इनमें से एक व्‍यक्ति हरजीत मसीह मुस्लिम बनकर आईएसआईएस के चंगुल से निकल भागा था, जबकि अन्य लोगों की आईएस ने हत्या कर दी. मारे गए 39 लोगों में से 38 शवों का डीएनए सैंपल मैच हो गया है. एक शव की डीएनए जांच चल रही है.

विदेश मंत्री के मुताबिक इराक में मारे गए 39 भारतीय पंजाब, हिमाचल प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के थे. खोद कर निकाले गए भारतीयों के शवों को एक विशेष विमान से भारत लाया जाएगा. विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह मृत भारतीयों के शव वापस लाने के लिए इराक जाएंगे.

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इन भारतीयों का पता लगाने के लिए विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह के साथ ही इराक सरकार का शुक्रिया अदा किया. विदेश मंत्री ने साफ कहा कि सरकार ने इन लोगों के बारे में पूरी पक्की जानकारी हासिल कर लेने के बाद ही इनकी मौत का खुलासा किया. सुषमा स्वराज के बयान के बाद राज्यसभा में सभी मृतकों की याद में 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई. तमाम राजनीतिक दलों ने आईएस के इस कृत्य की निंदा की है.

इस खबर के मिलते ही उन भारतीयों के परिजन शोक की लहर में डूब गए. अभी तक उन्हें उम्मीद थी कि वे जिंदा हैं और उन्हें किसी अज्ञात जगह पर रखा गया है लेकिन अब उन पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा है.

पीड़ित परिवारों में गम का माहौल है और देश में भी गुस्सा है. लेकिन आतंक के खिलाफ दुनिया की जंग जारी है और दुनिया से आतंक का खात्मा होने के बाद ही पीड़ितों के जख्मों पर मरहम लगेगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोसुल में मारे गए लोगों के शोक संतप्त परिवारों के लिए शोक जताया है. मोसुल में लापता भारतीयों के लिए किए गए प्रयासों के लिए उन्होंने विदेश मंत्रालय की सराहना की है. पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा:

“मोसुल में जिन्होंने भी अपनी जान गंवाई है, उनके परिजनों के लिए हरेक भारतीय को भारी दु:ख है. हम शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं और जो भारतीय नागरिक मोसुल में मारे गए हैं उनके प्रति हम सम्मान जताते हैं.”

“विदेश मंत्रालय और ख़ासतौर पर मेरी सहयोगी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और जनरल वीके सिंह ने मोसुल में लापता लोगों का पता लगाने और उनको वापस लाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. देश के बाहर रह रहे अपने भाइयों और बहनों की सुरक्षा के लिए हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है.”

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