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गैरसैंण को राजधानी बनाने की मांग को लेकर एक बार फिर आंदोलन शुरू

देहरादून: गैरसैंण को राजधानी बनाने की मांग को लेकर एक बार फिर से आंदोलन शुरू हो गया है. उत्तराखंड क्रांति दल ने इस मुद्दे पर एक दिवसीय धरना दिया. दल का कहना है, कि गैरसैंण के अलावा किसी अन्य जगह स्थाई राजधानी मंजूर नहीं है. दल ने बीजेपी-कांग्रेस पर जनता को भ्रमित करने का आरोप करने का भी आरोप लगाया है.

उधर राज्य आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले उत्तराखंड महिला मंच ने ऐलान किया है कि गैरसैंण राजधानी बनाओ आंदोलन नव युवाओं के बैनर तले ही आगे बढ़ाया जाएगा और इसमें किसी राजनीतिक दल के नेता को नहीं आने दिया जाएगा.

गैरसैंण (चंद्रनगर) को उत्तराखंड की स्थाई राजधानी बनाने की मांग को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) कार्यकर्ताओं ने सभी जिला मुख्यालयों में एकदिवसीय धरना दिया. देहरादून में दल के कार्यकर्ता घंटाघर स्थित स्व. इंद्रमणि बडोनी की प्रतिमा के सामने एकत्र हुए और धरना दिया. धरने में कहा गया, कि यूकेडी को राज्य की स्थाई राजधानी गैरसैंण के अलावा कहीं और मंजूर नहीं है.

कांग्रेस-बीजेपी ने सिर्फ छला

धरना स्थल पर हुई सभा में दल के पदाधिकारियों ने कहा, कि ‘उक्रांद ने चंदरनगर गैरसैंण को राज्य की राजधानी बनाने का संकल्प वर्ष 1992 में पारित किया था. तमाम अध्ययनों के बाद गैरसैंण को राजधानी के लिए उपयुक्त स्थान पाया गया था. राज्य आंदोलन के दौरान की जनभावनाएं इसी जगह से जुड़ी हुई थीं, लेकिन राज्य गठन के बाद बीजेपी और कांग्रेस बारी-बारी से सत्ता पर काबिज होकर गैरसैंण के नाम पर जनता के साथ सिर्फ छल किया है. दोनों ही दलों में गैरसैंण को राजधानी बनाए जाने की इच्छाशक्ति नहीं है. गैरसैंण (भराणीसैंण) में शीतकालीन व ग्रीष्मकालीन सत्र आयोजित कर जनता को भ्रमित किया जा रहा है और राज्य के संसाधनों की लूट की जा रही है.’

अब सड़क पर उतरेंगे

उक्रांद के पदाधिकारियों ने कहा, ‘मौजूदा त्रिवेन्द्र रावत के नेतृत्व वाली सरकार ने भी कुछ दिन पहले भराणीसैंण में दो दिन का शीतकालीन सत्र आयोजित कर जनता के साथ इसी तरह का धोखा किया है. सरकार व संगठन स्तर से गैरसैंण को लेकर जो बयानबाजी हो रही है. उस पर अमल नहीं किया जा रहा है. इससे स्पष्ट होता है कि गैरसैंण को राजधानी बनाने को लेकर बीजेपी सरकार किस तरह राज्य की जनता को गुमराह कर रही है. उक्रांद जनभावनाओं का सम्मान करते हुए गैरसैंण को राज्य की राजधानी बनाये जाने की मांग को लेकर अब सड़कों पर उतरेगा.’

‘नशा नहीं रोजगार दो, गैरसैंण..’

दूसरी तरफ, उत्तराखंड महिला मंच ने भी ‘नशा नहीं रोजगार दो, गैरसैंण स्थायी राजधानी दो’ के बैनर तले नवयुवा-आंदोलनकारियों में अलख जगा दी है. वक्ताओं ने कहा, कि ‘युवा आंदोलनकारियों द्वारा उठाए गए झंडे व इसके तहत उठायी गई मांगों पर केंद्रित होकर ही आंदोलन आगे बढ़े. इसके लिए महिला मंच हर संभव सहयोग करेगा. महिला मंच की संस्थापक सदस्य कमला पंत ने अध्यक्षता करते हुए आशा भी व्यक्त की कि आंदोलन नि:स्वार्थ भाव से राज्य की बेहतरी के लिए संघर्षशील इमानदार ताकतों की एकता का भी रास्ता खोलेगा.’

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