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प्राइवेट जॉब करने वालों को भी 20 लाख रुपये तक ग्रैच्यूटी, मोदी सरकार संसद में पेश करेगी बिल

नई दिल्ली: अभी तक लोग सोचते थे कि सिर्फ सरकारी नौकरी करने में ही फायदा है, लेकिन अब मोदी सरकार संसद में ऐसा बिल पेश करने जा रही है जिसके बाद प्राइवेट सेक्टर में जॉब करने वालों को भी 20 लाख रुपये तक ग्रैच्यूटी मिल सकेगी.

सरकार प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वालों के लिए ग्रैच्यूटी की लिमिट बढ़ाने 20 लाख रुपये बढ़ाने तक का मसौदा संसद में पेश करने वाली है. श्रम मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने पेमेंट ऑफ ग्रैच्यूटी (अमेंडमेंट) बिल, 2017 सदन में पेश किया. पेमेंट ऑफ ग्रैच्यूटी ऐक्ट, 1972 को फैक्ट्रियों, माइंस, ऑइलफील्ड, प्लांटेशन, पोर्ट, रेलवे कंपनियों, दुकानों या अन्य प्रतिष्ठानों में नौकरी करनेवाले कर्मचारियों के लिए लागू किया गया था. यह 10 या अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठान में कम-से-कम पांच वर्षों की नौकरी पूरी करनेवाले कर्मचारियों पर लागू है.

ग्रैच्यूटी की रकम नौकरी के प्रत्येक वर्ष के लिए 15 दिन के वेतन के आधार पर तय की जाती है. इसकी अधिकतम सीमा अभी 10 लाख रुपये है जो 2010 में तय की गई थी. केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए सातवां वेतन आयोग लागू होने के बाद ग्रैच्यूटी की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये की गई है.

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पेमेंट ऑफ ग्रैच्यूटी (अमेंडमेंट) बिल को संसद में पेश करने के लिए 12 सितंबर को हरी झंडी दी थी. इससे प्राइवेट सेक्टर के एंप्लॉयीज के लिए भी ग्रैच्यूटी लिमिट को बढ़ाकर 20 लाख रुपये किया जाएगा. इस कानून का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध कराना है.

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