National/International

संसदीय समिति के सदस्यों ने की फिल्म पर रोक लगाने की मांग :पद्मावती

जयपुर: संजय लीला भंसाली फिल्म पद्मावती के विवाद को जितना सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं ये उतना ही उलझता जा रहा है. गुरुवार को संसदीय कमेटी के सामने भंसाली पेश तो हुए थे विवादों से अपनी फिल्म का पीछा छुड़ाने के लिए लेकिन यहां भी वो संसदीय कमेटी के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए. कमेटी के तीन सदस्यों ने फिल्म पर रोक लगाने की मांग की है.  कमेटी ने जब उनसे पूछा की सेंसर बोर्ड से फिल्म पास होने से पहले कुछ पत्रकारों को दिखाकर क्या आपने सेंसर बोर्ड पर दबाव बनाने की कोशिश की तो इसका भी जवाब भंसाली नहीं दे पाए. करीब तीन घंटे चली सुनवाई में संसदीय कमेटी ने संजय लीला भंसाली से कई सवाल किए, जब वो सवालों के जवाब नहीं दे पाए तो कमेटी ने उन्हें कुछ सवालों के लिखित जवाब देने के लिए दो हफ्ते का वक्त दे दिया . सुनवाई के दौरान संसदीय कमेटी ने पद्मावती के निर्माता संजय लीला भंसाली से कहा कि लोग किसी फिल्म के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन फिल्म की वजह से कानून व्यवस्था की स्थिति खराब नहीं होनी चाहिए, इसकी जिम्मेदारी सांसदों की है.

सतीप्रथा और जौहर को लेकर भी संसदीय कमेटी ने भंसाली पर कई सवाल दागे. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक खुद को चारों तरफ से घिरता देख फिल्म के निर्माता भंसाली ने कहा कि उनकी फिल्म इतिहास पर आधारित नहीं है, बल्की उन्होंने मलिक मोहम्मद जायसी के द्वारा अवधी भाषा में लिखे गए महाकाव्य ‘पद्मावत’ पर आधारित फिल्म बनाई है. जिसके मुताबिक रानी के रूप से मोहित अलाउद्दीन खिलजी ने उन्‍हें पाने की चाहता लिए चित्तौड़ पर हमला किया था, लेकिन हजारों राजपूत महिलाओं के साथ रानी पद्मिनी ने आग में कूदकर जौहर कर लिया था.

एक्सपर्ट कमेटी देखेगी फिल्म
सुनवाई के दौरान संसदीय कमेटी के सामने अपना पक्ष रखते हुए सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी ने कहा कि ऐतिहासिक पहलुओं की सत्यता जांचने के लिए पहले एक्सपर्ट कमेटी इस फिल्म को देखेगी उसके बाद ही सेंसर बोर्ड इस फिल्म को पास करेगा.

फिल्म में सती प्रथा का महिमामंडन कर घिरे भंसाली
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक संसदीय कमेटी ने फिल्म के निर्माता को सती प्रथा का महिमामंडन करने पर कई सवाल किए , साथ ही उनसे पूछा गया कि क्या फिल्म में जौहर और सती प्रथा को दिखाया जा सकता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published.