National/International

कोरोना से लडऩे में कारगर है साधारण सर्दी-जुकाम के वायरस

लंदन । इंग्लैंड की ग्लासगो यूनिवर्सिटी ने एक शोध में दावा किया है कि साधारण सर्दी-जुकाम कोरोना से लडऩे में कारगर है। शोध में कहा गया है कि साधारण सर्दी-जुकाम के वायरस दूसरे वायरस को शरीर में प्रवेश से रोकते है, क्योंकि उनकी प्रकृति अकेले ही शरीर में रहने की है। यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर वायरस रिसर्च (सीवीआर) के वैज्ञानिकों ने यह दावा किया है। इस शोध को जर्नल ऑफ इंफेक्शियस डिजीस में प्रकाशित किया गया है।
शोध के अनुसार, सामान्य सर्दी-जुकाम वाला राइनो वायरस कोरोना वायरस को अपने प्रतिरूप बनाने से रोकता है। इसके लिए राइनो वायरस शरीर के इम्यून सिस्टम को एक खास तरह का संदेश देता है, जिससे कोरोना का वायरस शरीर में अपना वर्चस्व स्थापित नहीं कर पाता।
इसके लिए वैज्ञानिकों ने इंसानी श्वसन नली की प्रतिकृति बनाई। इसमें कोरोना वायरस और सर्दी-जुकाम वाले राइनो वायरस को एकसाथ छोड़ा गया। वैज्ञानिकों ने इसके नतीजों को देखा, जिसके बाद यह दावा किया है। साधारण सर्दी-जुकाम में 40 फीसदी लोगों को राइनो वायरस का संक्रमण होता ही है। सर्दी-जुकाम ज्यादा दिन नहीं रहता। लेकिन, जब शरीर में एक वायरस पहले से मौजूद हो तब दूसरे वायरस को शरीर में उससे संघर्ष करना पड़ता है। यहां चाल्र्स डार्विन की सर्वाइवल ऑफ फिटेस्ट की थ्योरी काम करती है। अर्थात् जो जीतेगा वही शरीर में रहेगा।
साधारण सर्दी-जुकाम के वायरस अकेले ही शरीर में रहना चाहते हैं। वे किसी अन्य वायरस को पनपने नहीं देते। इनकी मौजूदगी में जब दूसरा वायरस शरीर में प्रवेश करता है तो ये आपस में लड़ते है। चूंकि, राइनो वायरस कभी भी शरीर में अकेले रहना चाहता है, इसलिए दूसरे वायरस को जमने नहीं देता। इससे साबित होता है कि साधारण सर्दी-जुकाम कोरोना से लडऩे में समर्थ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.