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धीमे टीकाकरण की वजह से पाकिस्तान में बढ़ा कोरोना की तीसरी लहर का खतरा

इस्लामाबाद । पाकिस्तान में कोरोना की तीसरी लहर का खतरा मंडराने लगा है। कोरोनो वायरस प्रतिबंधों में ढील देने के कारण कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर स्थिति ऐसी ही बनी रही तो देश में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर आ सकती है। पाकिस्तान में कोरोना संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 581,365 हो गई है।
24 फरवरी को, कोविड पर नेशनल कमांड एंड ऑपरेशन सेंटर (एनओसी) ने वाणिज्यिक गतिविधियों, स्कूलों, कार्यालयों और अन्य कार्यस्थलों पर अधिकांश प्रतिबंधों को कम कर दिया जिससे वे पूरी ताकत से काम कर सकें। पाकिस्तान मेडिकल एसोसिएशन (पीएमए) के महासचिव कैसर सज्जाद ने कहा कि हम एक ऐसे समाज में रह रहे हैं जहां लोग कोरोना गाइडलाइन का ठीक से पालन नहीं कर रहे हैं। वे फेस मास्क पहनने वालों को देखकर हंसते हैं। हम पिछले साल सितंबर में प्रतिबंध हटाने के परिणाम पहले ही देख चुके हैं, जब 100 से 200 दैनिक मामले सामने आ रहे थे, और एक महीने के भीतर सरकार को कोरोनावायरस की दूसरी लहर की घोषणा करनी पड़ी।
उन्होंने कहा कोविड-19 टीकाकरण के लिए देश की प्रतिक्रिया ‘बहुत धीमी’ है और इसके लिए उन्होंने सरकार को दोषी ठहराया।  माइक्रोबायोलॉजिस्ट जावेद उस्मान ने  बताया कि तीसरी लहर की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। हम वायरस को वापसी करने का अवसर दे रहे हैं। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि अब पाकिस्तान में वायरस के एक से अधिक वैरिएंट हैं और वे अधिक संक्रामक हैं। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में कोरोना वायरस के नए यूके वेरियंट के कई मामलों की पुष्टि हुई है जिसके बाद सरकार ने लोगों से कहा है कि वह कोरोना वायरस से बचाव के नियमों का पालन करें और वैक्सीन लगवाएं।

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