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सरकार के इस कदम से एक ही दिन में 45 रुपये तक सस्ता हो जाएगा देश में पेट्रोल! जानिए कैसे

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही है और देश के कई हिस्सों में तो पेट्रोल के दाम 100 के पार पहुंच गए हैं. पेट्रोल की कीमतों में लग रहे कई प्रकार के टैक्स की वजह से कीमतें काफी ज्यादा हो गई है. ऐसे में लोगों की मांग है कि जल्द से जल्द टैक्स कम किया जाए, जिससे कि पेट्रोल की कीमतों पर नियंत्रण लग सके. दूसरी ओर, कई लोग यह भी मांग कर रहे हैं कि पेट्रोल की कीमतों को जीएसटी के अंडर लाया जाए.

पहले तो आपको बता दें कि पेट्रोल-डीजल जीएसटी के अंडर नहीं आते हैं और इस पर केंद्र और राज्य अपने हिसाब से टैक्स लगाते हैं. लेकिन, सवाल ये है कि आखिर जीएसटी के अंडर में आने के बाद क्यों पेट्रोल की कीमतें कम हो जाएगी और साथ ही जानते हैं इसके बाद कितने रुपये का अंतर आ जाएगा. आइए जानते हैं पेट्रोल और डीजल के टैक्स का पूरा गणित…

बता दें कि तेल कंपनियां हर रोज पेट्रोल-डीजल की कीमतें जारी करती हैं. अभी टैक्स में बढ़ोतरी की वजह से नहीं, बल्कि कच्चे तेल की मार्केट रेट बढ़ने से कीमतें बढ़ रही हैं. लेकिन, पहले सरकारों की ओर से तेल पर काफी टैक्स वसूला जा रहा है, जिस वजह से अब इसे जीएसटी में लाने की मांग कर रहे हैं. बता दें कि अभी अलग अलग तरह के टैक्स तेल पर लग रहे हैं, लेकिन अगर जीएसटी के अंडर आने के बाद पेट्र्रोल पर सिर्फ जीएसटी लगेगा, जो किसी ना किसी एक जीएसटी स्लैब में होगा. अभी सबसे ज्यादा जीएसटी स्लैब 28 फीसदी का है यानी जीएसटी में पेट्रोल की एंट्री होने के बाद ज्यादा से ज्यादा 28 फीसदी तक का टैक्स लगाया जा सकता है.

अभी कौन-कौन से टैक्स लगते हैं?

पेट्रोल के बेस प्राइज में कई तरह के टैक्स या ड्यूटी वगैहरा जोड़ी जाती है, जिसकी वजह से पेट्रोल के दाम काफी बढ़ जाते हैं. तो बता दें कि पेट्रोल में बेस प्राइज पर एक तो टैक्स लगा होता है. उसके अलावा ड्यूटी ली जाती है यानी किसी सामान को बॉर्डर पार करवाने पर लगने वाला टैक्स. इसके साथ सेस भी लगाया जाता है, जो देश में कुछ विशेष कार्यों के लिए होता है और कहा जाता है कि इस पैसे को स्पेशल डवलपेंट में लगाया जाता है. इसके अलावा इसमें पेट्रोल पंप या डीलर आदि का मुनाफा भी जोड़ा जाता है, जिसके बाद पेट्रोल की कीमत काफी ज्यादा हो जाती है. साथ ही इनमें लॉकल बॉडी टैक्स, एंट्री टैक्स, एसएससी वगैहरा भी लगता है, इससे पेट्रोल की कीमत बढ़ती जाती है.

अभी कितना लगता है टैक्स?

अगर दिल्ली के उदाहरण से समझें तो अभी दिल्ली में पेट्रोल की रेट 91.71 रुपये है. इसमें बेस पेट्रोल की बेस प्राइज सिर्फ 33.26 रुपये है, जिसमें 0.28 रुपये फ्रेट चार्ज लग जाता है. इससे एक्साइज ड्यूटी और वैट के अलावा डीलर से 33.54 रुपये लिया जाता है. फिर इसमें एक्साइड ड्यूटी 32.90 रुपये लगता है, डीलर कमीशन 3.69 रुपये होता है और एक्सट्रा वैट 21.04 रुपये लगता है. ऐसे में पेट्रोल की कीमत 91.17 रुपये हो जाती है.

 

 

जीएसटी के बाद कितनी हो जाएगी कीमत?

अगर जीएसटी की बात करें जीएसटी में कई स्लेब हैं, जिनके आधार पर टैक्स वसूला जाता है. अगर पेट्रोल की कीमतों पर सबसे बड़ा स्लैब यानी 28 फीसदी वाला स्लैब भी लगाया जाए तो पेट्रोल की कीमतें अभी से काफी कम हो जाएगी. जी हां. ऐसे में टैक्स देने के बाद भी आपको पेट्रोल की कीमत काफी कम चुकानी पड़ेगी.

वहीं, इस बारे में केडिया एडवाइजरी के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय केडिया ने टीवी9 को बताया, ‘अगर पेट्रोल की कीमत जीएसटी में आती है तो एक्साइज ड्यूटी और वैट हट जाएगी. इस पर सरकार ज्यादा से ज्यादा 28 फीसदी जीएसटी लगा सकती है. साथ ही राज्य सरकार वैट नहीं लगा पाएगी और रेवेन्यु बढ़ाने के लिए राज्य सरकार कोई टैक्स लगाती है तो वो सेस के रुप में लगा सकती है, जो भी बहुत ज्यादा नहीं होगा.’

अगर सिर्फ दिल्ली की बात करें तो अभी डीलर बेस प्राइज 33.54 रुपये हैं. जिस पर अधिकतम स्लैब के साथ 28 फीसदी टैक्स वसूला जाए तो 9.3912 रुपये टैक्स होता है. वहीं, डीलर कमीशन करीब 3 रुपये जोड़ दें तो ऐसे में आपको महज 45.93 रुपये लीटर पेट्रोल मिलेगा. अभी के हिसाब से पेट्रोल करीब 45 रुपये ज्यादा है. साथ ही अगर इसमें कोई सेस भी जोड़े जाते हैं तो भी पेट्रोल की कीमत काफी कम हो जाएगी.

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