Chhattisgarh

अबकारी विभाग में चल रहा है ब्राह्मणवाद.विभाग में चल रही मनमानी

बिलासपुर। प्रमोद कश्यप से आबकारी निरीक्षक रविंद्र पांडे ने डरा धमका कर पहले 3 लाख फिर 1 लाख रुपए वसूल किया। प्रमोद के साथ मार पिटाई की सो अलग पीटने के बाद  लूटने के बाद प्रमोद कश्यप ने शिकायत करने की हिम्मत दिखाई पूरे परिवार के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय तथा कलेक्ट्रेट में शिकायत की अखबारों में छपा, पोर्टल में हल्ला हुआ तो आबकारी अधिकारियों ने जांच का दांव चल दिया। यही शिकायत यदि किसी पुलिस सब इंस्पेक्टर के विरुद्ध हुई होती तो जांच आदेश के साथ उसको लाइन अटैच कर दिया जाता किंतु यह विभाग तो आबकारी है। जिस विभाग में समुद्र सिंह से लेकर वर्तमान ओएसडी त्रिपाठी जैसे लोग बैठे हैं वहां एक ब्राह्मण मुलाजिम का कुछ नहीं बिगड़ता वैसे भी बिलासपुर आबकारी विभाग में ब्राह्मणवाद चल रहा है और उनका पहला शिकार ओबीसी और एससी समुदाय होता है इस प्रकरण में भी वसूली करने वाला ब्राह्मण है और लूटने वाला ओबीसी है वहीं जिन अधिकारी के ऊपर आरोप लग रहे हैं उसका यह कहना है कि सर्किल के कुछ रसूखदारों को निष्पक्ष कार्यवाही पचती नहीं है इसी कारण आरोप लगाए जाते हैं इस मामले में जांच अधिकारी भी सवर्ण ब्राह्मण हैं शिकायतकर्ता प्रमोद कश्यप और उसके चाचा तथा पैसा लेकर आए आदमी के बयान हो चुके हैं और उन्होंने वही कहा है जो शिकायत में कहा है दूसरी तरफ जिसके विरुद्ध जांच हो रही है वे व्हीआईपी ड्यूटी में थे इसलिए बयान नहीं हुआ जांच अधिकारी ने बताया कि दोबारा मौखिक रूप से कार्यालय आकर बयान दर्ज कराने कहा गया है पूरे प्रकरण में प्रमोद कश्यप और उसका परिवार अभी भी दहशत में जी रहा है उसे हमेशा डर लगता है कि सर्किल के वे अधिकारी जो पांडे को सपोर्ट करते हैं उसे फंसा सकते हैं आबकारी विभाग में शराब दुकान से ज्यादा खेल चखना सेंटर का है। और यह चखना सेंटर पर्यावरण को हद से ज्यादा नुकसान पहुंचा रहे हैं 1-1 चखना सेंटर रोज का न्यूनतम 5 हजार का खेल है। और इसी खेल से नेता और अधिकारियों का ग्लैमर सड़कों पर दिखाई देता है। शिकायत जांच का दिखावा और उसके ढीलाढाल सिर्फ इस बात का संकेत देता है कि अपने विभागीय कर्मचारी को बचाने के लिए खेल खेला जा रहा है।

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