Chhattisgarh

20 साल से लोग पी रहे बंद खदान से रिस रहे गंदे पानी को, 30 फीट अंदर जाकर महिलाएं रोज लाती हैं पानी

समिति दफाई क्षेत्र के लोगों का आरोप : अफसरों व नेताओं को बता चुके समस्या, पर कोई झांकने तक नहीं आया
जल आवर्धन योजना में अब तक 49 करोड़ खर्च, नागपुर से चिरमिरी के बीच पाइप लाइन का काम अधूरा
बैकुंठपुर. कोरिया जिले का सबसे अधिक आबादी वाला शहर चिरमिरी, पर यहां कई ऐसे वार्ड हैं जहां लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। स्थिति यह है कि पूरे साल लोगों को बंद खदानों से रिसने वाली पानी से अपनी प्यास बुझानी पड़ती है। इन्हीं में से एक है कोरिया कालरी का समिति दफाई क्षेत्र, जहां 20 सालों से लोग बंद पड़ी खदान से रिस रहे गंदे पानी से अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हैं। महिलाएं अपनी जान संकट में डालकर रोज करीब 30 फीट अंदर जाती हैं और पानी भरकर लाती हैं।
क्षेत्र में 500 परिवार, एसईसीएल प्रबंधन करता था पानी की सप्लाई, खदान बंद, पानी बंद
दरअसल, इस क्षेत्र में करीब 500 परिवार ऐसे हैं, जिनके पास पीने के पानी की सुविधा नहीं है। पहले एसईसीएल प्रबंधन पानी की सप्लाई करता था, लेकिन खदान बंद होने से वो भी बंद हो गई। ऐसे में लोग मजबूर होकर बंद पड़ी खदानों से रिसने वाले पानी का उपयोग करने लगे। खास बात यह है कि एससीएल ने हादसा न हो जाए, इसे देखते हुए बंद खदानों के अंदर जाने से रोक लगाई हुई है। लोगों का आरोप है कि सरकारें बदलती रहीं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। अफसरों से लेकर नेताओं तक को समस्या बताई, पर कोई पलट कर दोबारा नहीं आया।
योजना की 31 दिसंबर 18 को थी डेड लाइन
जानकारी के अनुसार साल 2013-14 में चिरमिरी क्षेत्र में पेयजल समस्या को खत्म करने के लिए तत्कालीन विधायक दीपक पटेल ने 34 करोड़ की जल आवर्धन योजना स्वीकृत कराई थी। इसके तहत लोगों को अब तक पानी की सप्लाई मिलना भी शुरू हो जाना चाहिए था। योजना की डेड लाइन 31 दिसंबर 2018 थी, पर काम अभी तक पूरा ही नहीं हो सका है। वहीं अफसर कह रहे हैं कि काम पूरा हो चुका है। शहर में पानी टंकी बनाने के साथ ही पाइप लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है, लेकिन आज भी नागपुर से चिरमिरी के बीच काम अधूरा है।
पीएचई- बिजली विभाग ने कनेक्शन ही नहीं दिया
पीएचई ईई विजय मिंज ने बताया कि जल आवर्धन के तहत सब कुछ रेडी है। बिजली विभाग को 1.20 करोड़ की राशि दे दी गई है, लेकिन बीते डेढ़ साल से बिजली कनेक्शन ही नहीं किया गया। इसके कारण योजना शुरू नहीं हो पा रही हैं। कोरिया कालरी के वार्ड में भी जल आवर्धन योजना के तहत पेयजल सप्लाई करना है। पानी टंकी बनकर तैयार है।
बिजली विभाग- पीएचई ने सब-स्टेशन नहीं बनवाया
बिजली विभाग के ईई ने बताया कि 77 लाख 33 केवी लाइन 7 किमी नागपुर से लाई तक पहुंचा दिया गया है। अब पीएचई को अपना सब-स्टेशन बनाना है और 650 केवी एसटी कनेक्शन के लिए परमिशन लाकर बिजली विभाग को देना होगा, इसके बाद हमारे द्वारा लाइन चार्ज कर दिया जाएगा, लेकिन पीएचई ने अभी तक सब-स्टेशन, ट्रांसफार्मर ही इंस्टॉल नहीं कराया है।
दूषित पानी पीने से बीमारियां होने की आशंका
सीएस डॉ. एसके.गुप्ता ने बताया कि खदान से निकलने वाले पानी में लेड की मात्रा अधिक होती हैं और इसके लंबे समय तक इस्तेमाल करने से लीवर में टॉक्सिसिटी जमा हो जाता हैं, जो घातक होती है। इसके लक्षण बहुत देर से दिखाई देते हैं। इसके अलावा जमीन से निकलने वाले दूषित पानी से टायफाइड, पीलिया और उल्टी – दस्त होने की शिकायत बनी रहती है।

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