Chhattisgarh

प्रधानमंत्री आवास का ठेकेदार बना पंचायत सचिव

गरियाबंद । ग्राम पंचायत खोखमा में गरीबों के लिए बन रही प्रधानमंत्री आवास निर्माण में सरपंच ,सचिव द्वारा गड़बड़ किया गया है। जिसका खबर हमारे अखबार के माध्यम से छपने के बाद प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए मामले की जांच टीम कराई और सचिव को मैनपुर जनपद में लाइन अटैच किया गया ।
मामला सरकार की महती योजना प्रधानमंत्री आवास की है इस योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा बेघर लोगों का घर बनाने के लिए 1 लाख 30 हजार उनके खाते में दे रही है साथ मे 15 हजार शौचालय के लिए अलग देती है । इस प्रकार से कुल 1 लाख 45 हजार हितग्राहियों को केन्द्र सरकार द्वारा दिया जाता है ताकि सभी के पास रहने के लिए पक्का मकान हो सके ।केंद्र सरकार के द्वारा बेघरों के लिए चलाई जा रही इस योजना धरातल में जाकर देखे तो ये आसमान में गायब होते जा रही है । गरियाबंद जिले में ऐसे कई ग्राम पंचायत में देखा जा रहा है जहां की प्रधानमंत्री आवास आधे अधूरे बने दिख रहे रहे हैं ।जब इसकी जानकारी ली जाती है तो पता चलता है कि सरपंच , सचिव पैसा के लालच में आकर हितग्राहियों से उसके आवास को बनाने का ठेका ले लेते हैं और पैसा निकालकर खा जाते है और आगे की निर्माण छोड़ देते हैं ।
गरियाबंद जिला के मैनपुर ब्लाक में भी इस प्रकार का मामला सामने आ रहा है ।मामला है मैनपुर ब्लाक के खोखमा ग्राम पंचायत का जहां पर 3 से 4 भुंजिया जाती के हितग्राही हैं जिनका मकान 3 साल से आधी अधूरी बनी पड़ी है ।कारण जानने के लिए वार्ड पंच कार्तिक राम से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि पंचायत सचिव अशोक मोहंती द्वारा ठेका में लेकर इन लोगों का घर बनाने के नाम से फर्जी तरीके के पर्ची में दस्तखत कराकर बैंक से पैसा आहरण करा लिया ।पंच कार्तिक राम ने बताया कि सरपंच और सचिव दोनों की मिलीभगत से इस प्रकार के कार्य हो रहा है ,ये खबर मीडिया पर प्रशासन नींद से जागी
और जांच टीम भेजकर हितग्राहियों से मिले और अधूरे निर्माण की जांच किया गया । फलस्वरूप जिला मुख्यकार्यपालन अधिकारी खूंटे ने बताया कि वहाँ के सचिव अशोक मोहंती पर कार्यवाही करते हुए उन्हें पूर्ण जांच होते तक जनपद पंचायत मैनपुर में लाइन अटैच किया गया है और आरोप सिद्ध होते ही दंडात्मक कार्यवाही आगे की जाएगी । उन्होंने कहा कि आचार संहिता लागू होने के कारण जांच प्रक्रिया अभी पेंडिंग है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published.