Chhattisgarh

डीजी मुकेश गुप्ता के खिलाफ मनी लांड्रिंग की होगी जांच, सरकार ने ईओडब्लू को दी अनुमति

अवैध संपत्ति बनाकर एमजीएम अस्पताल में निवेश का आरोप
रायपुर | राज्य सरकार ने ईओडब्लू को निलंबित और बीते तीन महीने से ड्यूटी से गायब डीजी मुकेश गुप्ता के खिलाफ मनी लांड्रिंग की शिकायत से जुड़े एक मामले में जांच की अनुमति दे दी है। ईओडब्लू ने इसी माह 8 तारीख को अनुमति मांगी थी। फोन टैपिंग मामले की जांच के दौरान ईओडब्लू को मुकेश गुप्ता से जुड़े एमजीएम हॉस्पीटल में बड़े पैमाने पर बेहिसाब वित्तीय लेनदेन से जुड़ी अहम जानकारी मिली थी। इस आधार पर ईओडब्लू द्वारा गृह विभाग को भेजे गए पत्र में कहा गया था कि साल 2003 से 2018 तक लोक सेवक के रूप में मुकेश गुप्ता ने विभिन्न पदों पर रहते हुए जुटाई गई अकूत संपत्ति को कई ट्रस्टियों और सहयोगियों के साथ एमजीएम अस्पताल में इस्तेमाल किया।
ईओडब्लू ने आईटी एक्ट 1961 की धारा 12 (ए) एवं 80 जी तथा एफसीआरए के तहत रजिस्टर्ड कराकर आयकर में छूट प्राप्त करने की शिकायत की जांच के लिए भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं के तहत जांच की अनुमति मांगी थी। जिस पर अवर सचिव गृह डीपी कौशल ने आदेश जारी किया है।

ईओडब्ल्यू ने भेजा है मुकेश गुप्ता को तीसरी बार नोटिस भेजा : इधर पिछले दिनों हाईकोर्ट से मुकेश गुप्ता को गिरफ्तारी से राहत मिलने और जांच में सहयोग किए जाने के निर्देश के बाद ईओडब्ल्यू ने उन्हें नोटिस भेजा है। फोन टैपिंग मामले में पूछताछ के लिए भेजे गए इस नोटिस में कहा गया है कि उन्हें 23 अप्रैल को सुबह 11 बजे उपस्थित होना है। गौरतलब है कि नान घोटाला मामले की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर ईओडब्ल्यू ने मुकेश गुप्ता के खिलाफ मनी लांड्रिंग, भ्रष्टाचार और भारतीय टेलीग्राफ एक्ट के तहत केस दर्ज कर अपराध की विवेचना शुरू की थी। इससे पहले भी ईओडब्ल्यू की ओर से मुकेश गुप्ता को दो बार नोटिस जारी किया गया था, लेकिन वह बयान के लिए नहीं पहुंचे।
आय से अधिक संपत्ति मामले में बयान देने पहुंचीं सूबेदार रेखा नायर, फिर छापा

हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद भी सूबेदार रेखा नायर की मुश्किलें कम नहीं हो रही है। ईओडब्लू की टीम उनके ऊपर शिकंजा कसते जा रही है। आय से अधिक संपत्ति की जांच कर रही ईओडब्लू की नोटिस पर बयान के लिए रेखा सोमवार दोपहर ढाई बजे दफ्तर पहुंचीं। बयान से पहले ईओडब्लू की टीम रेखा को कचना स्थित मकान में ले गई। यह डेढ़ महीने से सील था, जिसे 4 बजे रेखा, उनकी बहन और वकील के सामने सील को खोला गया। उसके बाद से मकान की जांच शुरू हुई, जो रात 8 बजे तक जारी रही। जांच के दौरान कई अहम दस्तावेज मिलने का दावा किया जा रहा है। एक-एक सामान की जानकारी ली जा रही है। ईओडब्लू सूबेदार रेखा नायर की आय से अधिक संपत्ति की जांच कर रही है। उनके नाम से करोड़ों की संपत्ति मिली है। सबसे पहले रेखा के कचना में मारुति सालिटेयर स्थित बंगले में छापा मारकर उसे सील किया गया था। उसके बाद ईओडब्लू ने रेखा के दुर्ग स्थित घर में छापा मारा था। वहां कई एकड़ जमीन के दस्तावेज मिले थे। कचना का मकान सील होने की वजह से डेढ़ माह से वहां कोई नहीं था। अब इसे खोल दिया गया है।

छापामार दस्ते में 18 अफसर-कर्मी : ईओडब्लू इंस्पेक्टर मंगेश देशपांडे के नेतृत्व में 18 सदस्यीय टीम जांच के लिए पहुंची हुई है। वहां दो घंटे की छानबीन के बाद टीम ने लैपटॉप और प्रिंटर भी मंगवा लिए थे, क्योंकि एक-एक सामान की सूची बनवाई जा रही है। रेखा की आलमारी से लेकर सूटकेस और किचन तक को खंगाला जा रहा है।

जांच के नाम पर मारपीट की जा रही : इधर, रेखा ने मीडिया से बातचीत में अारोप लगाया कि जांच के नाम पर उनके परिजनों को परेशान किया जा रहा है। ईओडब्लू क्राइम ब्रांच की तरह कार्रवाई कर रही है। उनके परिजनों के साथ मारपीट की है।

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