Chhattisgarh

बड़ी खबरः माओवादियों के बड़े संगठन सीपीआई में फेरबदल, गणपति की जगह नए महासचिव बनाए गए नंबाल्ला केशव राव उर्फ़ बसवराजू

समय दर्शन:- बीते दिनों 1200 सुरक्षाबलों की टीम और ‘ऑपरेशन प्रहार-4’ को मिली सफलता के बाद माओवादियों ने अपने महासचिव पद पर फेरबदल किया है. माओवादियों के सबसे बड़े संगठन सीपीआई (माओवादी) ने प्रेस नोट जारी कर बताया है कि सीपीआई संगठन ने नया महासचिव बनाया है. पिछले 25 सालों से इस पद पर कार्यरत मुपल्ला लक्ष्मण राव उर्फ़ गणपति को ख़राब सेहत की वजह से अपनी जगह नंबाल्ला केशव राव उर्फ़ बसवराजू को महासचिव बनाया गया है. ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि अब माओवादी हमले बढ़ सकते हैं. पिछले साल भर से बसवराजू को महासचिव बनाने की अटकलें चल रही थीं. वहीं डीआईजी सुंदरराज पी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में जो सफलता मिली है, उससे माओवादी घबराए हुए हैं. लेकिन संगठन में इस तरह के बदलाव से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ेगा.

 

                              केंद्रीय कमेटी की पांचवीं बैठक में लिया गया फैसला

माओवादी के केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर इस बात की पुष्टि की है और कहा है कि यह बदलाव केंद्रीय कमेटी को और ताक़त प्रदान करने वाला है. आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम ज़िले के जियन्नापेटा गांव के रहने वाले बसवराजू को महासचिव बनाने का फ़ैसला सीपीआई माओवादी की केंद्रीय कमेटी की पांचवीं बैठक में लिया गया. बसवराजू 27 सालों से माओवादी संगठन की केंद्रीय कमेटी के सदस्य हैं.

 

                                      बसवराजू पर  1.57 करोड़ का इनाम

माओवादी के अनुसार बसवराजू ने 18 सालों से पोलित ब्यूरो सदस्य के तौर पर सक्रिय रहने के अलावा पार्टी के केंद्रीय सैन्य आयोग के प्रभारी के तौर पर भी काम किया है. वारंगल से इंजीनियरिंग में स्नातक बसवराजू को 1980 में एक बार छात्र संगठनों के झगड़े में गिरफ़्तार किया गया था. इसके बाद से बसवराजू भूमिगत हैं और आज 63 साल के है. बसवराजू पर अलग-अलग राज्यों और केंद्रीय सुरक्षा संगठनों ने 1.57 करोड़ का ईनाम रखा है.

इस तरह के बदलाव से नहीं पड़ेगा कोई फ़र्क़

डीआईजी सुंदरराज पी ने कहा है कि “पिछले कई महीनों से माओवादी संगठन में बड़े फेरबदल की अटकलें थीं, लेकिन इस बात की कोई अधिकृत पुष्टि नहीं हुई थी.” माओवादियों की सैन्य बल के प्रमुख बसवराजू को महासचिव बनाकर लगातार कमज़ोर हो रहा माओवादी संगठन अपनी लड़ाई को मज़बूत बताने की असफल कोशिश कर रहा है. सुंदरराज ने कहा कि एक के बाद एक सुरक्षाबलों को छत्तीसगढ़ में जो सफलता मिली है, उससे माओवादी घबराए हुए हैं. लेकिन संगठन में इस तरह के बदलाव से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ेगा.

गणपति पर 2.52 करोड़ का इनाम

जून 1992 में मुपल्ला लक्ष्मण राव उर्फ़ गणपति को भाकपा माले पीपुल्सवार का महासचिव बनाया गया था. इसके बाद 1995 में अखिल भारतीय विशेष अधिवेशन में गणपति को फिर से पार्टी का महासचिव बनाया गया. 1998, 2001 और 2004 में भी गणपति को महासचिव पद पर बनाये रखा गया. 71 साल के गणपति पर अलग-अलग मामलों में लगभग 2.52 करोड़ रुपयों का ईनाम रखा गया है.

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